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यूपी सरकार के दावे फेल, बिजली की अघोषित कटौती ने उड़ाई नींद, आक्रोश
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 21 Aug 2017 10:46 AM IST
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प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का आदेश जारी किया है, लेकिन वर्तमान में पूर्वांचल के ज्यादातर जिलों के ग्रामीण इलाकों में सरकार के आदेश के विपरीत 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है।
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बिजली के आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। अघोषित विद्युत कटौती से लोगों में गहरी नाराजगी पनप रही है। प्रदेश की भाजपा सरकार को कोस रहे हैं। वहीं विभाग कंट्रोल से ही कटौती का हवाला देकर पीछा छुड़ा रहा है।
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आजमगढ़ के फूलपुर तहसील के ग्रामीण इलाकों में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान है। बिजली के आने-जाने का कोई समय नहीं है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति विद्युत उपकेंद्र फूलपुर की है। क्षेत्र के अंबारी, पलिया, खानजहांपुर, बिलारमऊ, गोधना, पुरामया पांडेय, निजामपुर, माहुल में अघोषित कटौती चरम पर है।
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बिजली कब आएगी और जाएगी कोई समय नहीं है। इसी क्रम में पुष्पनगर में स्थापित विद्युत स्टेशन से खेतापट्टी, बेला, फतेपुर, डीह कैथौली आदि गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। फाल्ट हो जाने पर कई दिनों तक बिजली गुल रहती है।
खेतापट्टी के प्रधान मनीष सिंह ने बताया कि कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। यदि जल्द समस्या का हल नहीं निकला तो ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे।
वहीं जौनपुर के ग्रामीण इलाकों में बिजली नहीं आ रही हैं। किसान धान की फसल के सिंचाई के लिए परेशान हैं। यही हाल अन्य जिलों में भी है।