यूपी चुनाव 2022: वाराणसी में निर्वाचन आयोग की टीम की बैठक, तीन मंडलों में परखी तैयारियां
निर्वाचन आयोग भारत सरकार की टीम ने शुक्रवार को उप चुनाव आयुक्त डॉ. डॉ. चंद्रभूषण कुमार के नेतृत्व में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर वाराणसी, मिर्जापुर और आजमगढ़ मंडल के जिलों में चल रहे निर्वाचन कार्यों की समीक्षा की।
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यूपी विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार को निर्वाचन आयोग भारत सरकार की टीम वाराणसी पहुंची। टीम ने वाराणसी, आजमगढ़ और मिर्जापुर मंडल के अधिकारियों साथ समीक्षा बैठक की। उप चुनाव आयुक्त डॉ. चंद्रभूषण कुमार ने कहा कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए आयोग के निर्देशों के साथ ही अभिनव प्रयोग भी बेहद जरूरी है।
उन्होंने चुनाव को कुशलता से संपन्न कराने के लिए पहली प्राथमिकता वोटर लिस्ट का सही होना बताया। हम सबकी जिम्मेदारी है कि सही वोटर का नाम लिस्ट में होना चाहिए, छूटना नहीं चाहिए। डॉ.चंद्रभूषण ने कहा कि पांच जनवरी को फाइनल लिस्ट का प्रकाशन होने के बाद लोगों तक यह सूचना विभिन्न माध्यमों से दी जाए।
पांच से ज्यादा बूथ वाले केंद्रों पर विशेष ध्यान
स्वीप की रणनीति और अच्छी तरह से संचालित करते हुए वोटर लिस्ट में अपना नाम देखने के तरीके बताए जाएं, जिससे कि वे अपना-अपना नाम वोटर लिस्ट में चेक कर सकें। मतदान केंद्रों की एएमएफ, सभी सुविधाएं पूर्ण होनी चाहिए, पांच से ज्यादा बूथ वाले केंद्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए उनके प्रवेश और निकास आदि जांच लिया जाए। कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराया जाए।
उप चुनाव आयुक्त नितेश व्यास ने कहा कि ईवीएम और वीवीपैट की उपलब्धता के बारे में बताया गया कि सभी मशीने थर्ड जनरेशन की हैं जिसमें अन्य एडवांस सुरक्षात्मक फीचर्स डाले गए हैं जो हर जिलों को पर्याप्त मात्रा में कंट्रोल यूनिट 120 फीसदी तथा वीवीपैट 130 फीसदी उपलब्ध कराई गई है।
ईवीएम डिमांस्ट्रेशन सेंटर के माध्यम से लोगों को वोट डालने की प्रक्रिया बताई जाए और साथ ही मोबाइल वैन के द्वारा भी लोगों को जागरूक करने और वोट डालने की प्रक्रिया बताए जाने के निर्देश दिए। तीनों मंडलों के सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों ने अपनी-अपनी चुनावी तैयारियों के बारे में विवरण प्रस्तुत किये और समस्याओं को बताया
अवांछनीय तत्वों में हो कार्रवाई का खौफ
चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित वादों पर कार्यवाही किए जाने पर कहा कि इसमें कड़ा रुख अपनाया जाए जिससे अराजक तत्व में कार्यवाही किए जाने का खौफ पैदा हो और चुनाव की प्रक्रिया स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से संचालित हो सके। शहरी क्षेत्र में कम से कम एक आल वूमेन पोलिंग बूथ बनाए जाएं, जिस पर शत प्रतिशत महिला मतदानकर्मी हों। इसके साथ ही जेंडर रेशियो बढ़ाने पर भी विशेष जोर देने पर जोर दिया।
रैली स्थल पहले आओ पहले पाओ पर होंगे उपलब्ध
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