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सहूलियत:नगर निगम के 1947 से पहले तक के रिकॉर्ड होंगे Online, घर बैठे लीजिए जानकारी
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नगर निगम के वर्तमान से लेकर आजादी से पहले तक के विभिन्न रिकॉर्ड डिजिटल किए जा रहे हैं। इसके अलावा सभी कार्य भी ऑनलाइन होंगे। इससे आम आदमी को किसी भी जानकारी के लिए कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। घर पर ही मकान का दाखिल खारिज, संपत्ति से जुड़े या अन्य कागजात एवं अनुमति की पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
रिकॉर्ड देखने और अन्य जानकारी के लिए निर्धारित शुल्क जमा करके ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। इसके बाद सत्यापित काॅपी मेल पर भेज दी जाएगी। इसकी मॉनिटरिंग उच्चाधिकारी भी कर सकेंगे। इससे निर्धारित समय सीमा में जानकारी नहीं देने पर संबंधित कर्मचारी और अधिकारी की जवाबदेही भी तय होगी। इसके अलावा दस्तावेजों से छेड़छाड़ भी नहीं की जा सकेगी।
नगर निगम की कार्यशैली ऐसी है कि किसी काम के लिए एक डेस्क से दूसरी डेस्क तक कागज जाने में काफी समय लग जाता है। ऐसी स्थिति में जो काम तीन दिन में होना चाहिए, वह 30 दिनों में भी नहीं हो पाता है। लेकिन अब सभी रिकॉर्ड को स्कैन कर डाटा बैंक तैयार किया जा रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद इस महत्वाकांक्षी योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा।
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रिकॉडों का डाटा बैंक तैयार हो रहा है। लोगों को घर बैठे सभी प्रकार के दस्तावेज आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इससे रिकॉर्ड सुरक्षित होंगे।
संदीप श्रीवास्तव, पीआरओ नगर निगम
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रिकॉर्ड देखने और अन्य जानकारी के लिए निर्धारित शुल्क जमा करके ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। इसके बाद सत्यापित काॅपी मेल पर भेज दी जाएगी। इसकी मॉनिटरिंग उच्चाधिकारी भी कर सकेंगे। इससे निर्धारित समय सीमा में जानकारी नहीं देने पर संबंधित कर्मचारी और अधिकारी की जवाबदेही भी तय होगी। इसके अलावा दस्तावेजों से छेड़छाड़ भी नहीं की जा सकेगी।
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नगर निगम की कार्यशैली ऐसी है कि किसी काम के लिए एक डेस्क से दूसरी डेस्क तक कागज जाने में काफी समय लग जाता है। ऐसी स्थिति में जो काम तीन दिन में होना चाहिए, वह 30 दिनों में भी नहीं हो पाता है। लेकिन अब सभी रिकॉर्ड को स्कैन कर डाटा बैंक तैयार किया जा रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद इस महत्वाकांक्षी योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा।
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रिकॉडों का डाटा बैंक तैयार हो रहा है। लोगों को घर बैठे सभी प्रकार के दस्तावेज आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इससे रिकॉर्ड सुरक्षित होंगे।
संदीप श्रीवास्तव, पीआरओ नगर निगम