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Varanasi: आईसीएआर से मान्यता प्राप्त UP का पहला कृषि महाविद्यालय बना यूपी कॉलेज, लंबे समय से हो रही थी मांग

Sun, 18 Dec 2022 05:41 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 18 Dec 2022 05:41 PM IST
सार

लंबे संघर्ष के बाद वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) की ओर से मान्यता दे दी गई है। इसके साथ ही देश भर में अब आईसीएआर से मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों की संख्या 98 हो गई है।

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UP College of varansi became first agricultural college of uttar pradesh recognized by ICAR
यूपी कॉलेज ( फाइल ) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी स्थित उदय प्रताप कॉलेज के बीएससी (ऑनर्स) कृषि को आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) से मान्यता और  एक्रेडेशन मिल गया है। इसके साथ ही यह उत्तर प्रदेश का पहला कृषि महाविद्यालय है जो आईसीएआर से मान्यता प्राप्त और प्रत्यायन (एक्रेडेशन) है। देश भर में अब आईसीएआर से मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों की संख्या 98 हो गई है।

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महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह की पहल से मिली मान्यता के बाद छात्र-छात्राओं में खुशी की लहर है। प्राचार्य ने बताया कि अब यूपी कॉलेज के कृषि विज्ञान के छात्र आईसीएआर से होने वाली स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा में बैठ सकते हैं। उनको आईसीएआर के संस्थान में भी प्रवेश के साथ ही फेलोशिप भी मिल सकेगी।

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छात्र-छात्राओं की बहुत बड़ी मांग पूरी

बीएससी (ऑनर्स) एग्रीकल्चर कोर्स को 11 अक्तूबर 2022 से 10 अक्तूबर 2027 तक आईसीएआर से मान्यता प्राप्त रहेगी। प्राचार्य ने उदय प्रताप कॉलेज के प्रबंध तंत्र, सभी शिक्षकों कर्मचारियों के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। कहा कि बिना सभी के सहयोग के यह उपलब्धि महाविद्यालय को नहीं मिल सकती थी। छात्र-छात्राओं की बहुत बड़ी मांग पूरी हुई है। आईसीएआर से एक्रेडेशन के लिए छात्र दो साल से लगातार महाविद्यालय प्रशासन पर दबाव बना रहे थे। 

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पिछले साल हुआ था काफी हंगामा

आईसीएआर ने 2017 में सभी कृषि महाविद्यालय और संस्थानों के लिए एक्रिडेशन कराना अनिवार्य कर दिया था। यूपी कॉलेज में इतना बड़ा कृषि विज्ञान का सेक्टर है लेकिन मान्यता लेने में देरी हुई। पिछले साल के यहां पास आउट हुए छात्र आईसीएआर के रिसर्च एंट्रेंस में नहीं बैठ पाए थे। जिसे लेकर छात्रों ने काफी हंगामा किया था।  मालूम हो कि आईसीएआर देश की सबसे बड़ी कृषि नियामक संस्था है। वहीं देश भर में इसके रिसर्च स्कॉलर काम करते हैं।

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