यूपी बोर्ड परीक्षा पर हंगामेदार रही बैठक: आए दिन व्यवस्था में बदलाव से केंद्र व्यवस्थापक नाराज, जताई आपत्ति
वाराणसी के राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में यूपी बोर्ड की परीक्षा को लेकर प्रधानाचार्यों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक हंगामेदार रही।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा संचालन को लेकर रविवार को वाराणसी के राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्यों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक हंगामेदार रही। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जहां पहले से अधिक सतर्कता बरतने और लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई की बात कही। तो वहीं आए दिन परीक्षा व्यवस्थाओं में बदलाव को लेकर केंद्र व्यवस्थापकों ने नाराजगी जताई।
मौके पर मौजूद एडी बेसिक, डीआईओएस ने परीक्षा के संचालन में हर संभव सहयोग करते रहने का आश्वासन भी दिया। बलिया में पेपर आउट होने के बाद से ही बोर्ड परीक्षा में पहले से अधिक सतर्कता बरती जा रही है। परीक्षा संचालन को लेकर क्वींस कॉलेज में हुई बैठक में पेपर के डबल लॉक में रखने, उसका पैकेट खोले जाने, कमरे में वितरण से लेकर अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई।
छोटी सी लापरवाही पर भी होगी बड़ी कार्रवाई
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. विनोद कुमार राय ने बताया कि परीक्षा संचालन में छोटी सी लापरवाही पर भी बड़ी कार्रवाई होगी। ऐसे में बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था की निगरानी के साथ ही कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाने, पोर्टल पर छात्रों, कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति की जानकारी समय से देने का निर्देश दिया।
इस दौरान एडी बेसिक अवध किशोर सिंह ने केंद्राध्यक्षों को हर हाल में एक कमरे में दो-दो कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाने, नियमित परीक्षा खत्म होने के बाद उसका रिकार्ड मेंटेन रखे जाने का निर्देश दिया। बैठक में डॉ.श्रीप्रकाश सिंह, डॉ. विश्वनाथ दूबे, डॉ. महेंद्र सिंह, डा. आनंद प्रभा सिंह, डॉ.प्रतिभा यादव, डॉ.चारूचंद्र त्रिपाठी आदि लोग मौजूद रहे।
वित्तविहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्य अब होंगे सह केंद्राध्यक्ष
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक ने केंद्राध्यक्षों को जानकारी दी कि वित्तविहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्य अब सह केंद्रव्यवस्थापक रहेंगे और एडेड/राजकीय विद्यालयों के बाहर से आने वाले चयनित लोगों को केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस पर सभी केंद्राध्यक्ष भड़क गए।
उनका कहना था कि अपने ही विद्यालय में सह केंद्र व्यवस्थापक की भूमिका में रखे जाने का फैसला उचित नही हैं। इस दौरान प्रधानाचार्यों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तर्ज पर केंद्रों पर पेपर का पैकेट भिजवाने की व्यवस्था की मांग की। जिस पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने बोर्ड जैसी बड़ी परीक्षाओं में इस तरह की व्यवस्था करने को मुश्किल बताया।
यह हुआ व्यवस्था में बदलाव
- केंद्राध्यक्ष के कमरे में नहीं रहेगी डबल लॉक आलमारी। यहां बार बार आना-जाना भी प्रतिंधित रहेगा।
- हर केंद्र पर दो-दो आलमारी रहेगी। एक में परीक्षा से पहले पेपर रखे जाएंगे, दूसरी में पेपर खत्म होने के बाद बचे कागजातों को सील कर रखना होगा।
- डबल लॉक आलमारी वाले कमरे की चाबी सेक्टर मजिस्ट्रेट के पास रहेगी। आलमारी की एक चाबी केंद्रव्यवस्थापक, दूसरी सेक्टर मजिस्ट्रेट के पास रहेगा।
- जिस कमरे में पेपर रखा है, वहां हर दिन परीक्षा के बाद कमरे को सील कर उसका रिकार्ड मेंटेंन करना होगा।
- परीक्षा केंद्रों पर पुलिस के जवानों की तैनाती को सुनिश्चित करना होगा।