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यूपी बोर्ड परीक्षाः बदला निजाम लेकिन नहीं बदल पा रहा रवैया,बलिया में भौतिकी का पर्चा आउट!
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 21 Mar 2017 11:43 PM IST
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परीक्षा शुरु होने के पहले से बाजार में बिकने लगी हल कापियां
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में भाजपा की सत्ता आने के बाद नकल पर अंकुश लग जाता है लेकिन महंत आदित्यनाथ की सरकार बने तीन दिन का समय हो गया लेकिन बोर्ड परीक्षाओं में धड़ल्ले से नकल जारी है।
बोर्ड परीक्षा के पांचवे दिन बलिया में मंगलवार को पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई और हौसलाबुलंद नकल माफियाओं ने नगरा तथा भीमपुरा क्षेत्र में इंटर भौतिकी परीक्षा के पहले ही पर्चा आउट कर दिया।
इंटर भौतिकी पत्र के कोड संख्या 372-क्यूजेड की हल कापियां खुलेआम जगह-जगह बेची गईं और परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले ही माफियाओं ने परीक्षार्थियों को उपलब्ध करा दिया। हालांकि जिला विद्यालय निरीक्षक ने पर्चा आउट होने से इंकार किया और बिक रही हल कापियों को फर्जी बताया।
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नकल विहीन परीक्षा कराने के शिक्षा विभाग और प्रशासन के दावे खोखेले साबित हो रहे हैं। समय के साथ नकल करने और कराने के तरीके भी बदलते जा रहे हैं।
पहले केंद्रों पर खिड़कियों से नकल सामग्री डालने के साथ ही नकल कराने से जुड़ी कई तस्वीर दिख जाती थी लेकिन अब शिक्षक खुद बोल-बोलकर दस से बीस नंबर के सवालों को हल करा रहे हैं।
इसका प्रमाण मंगलवार को वाराणसी के चोलापुर के एक केंद्र पर गणित विषय की परीक्षा में सामूहिक नकल के मामले में तीन छात्रों के पकड़े जाने की घटना के बाद से देखा जा सकता है।
पकड़े गए सभी छात्रों की कापियों के जांच के बाद एक ही जैसा जवाब दिखा। बता दें कि भाजपा शासन में नकल अध्यादेश लागू होने की वजह से बड़ी कड़ाई होती है और केंद्रों पर नकल न के बराबर होती है लेकिन सरकार बदलने के बाद भी नकल पर नकेल लगा पाने में प्रशासन को सफलता नहीं मिल पा रही है। बता दें कि पांच दिन की परीक्षा में अब तक चार फर्जी छात्र भी पकड़े जा चुके हैं।
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बोर्ड परीक्षा के पांचवे दिन बलिया में मंगलवार को पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई और हौसलाबुलंद नकल माफियाओं ने नगरा तथा भीमपुरा क्षेत्र में इंटर भौतिकी परीक्षा के पहले ही पर्चा आउट कर दिया।
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इंटर भौतिकी पत्र के कोड संख्या 372-क्यूजेड की हल कापियां खुलेआम जगह-जगह बेची गईं और परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले ही माफियाओं ने परीक्षार्थियों को उपलब्ध करा दिया। हालांकि जिला विद्यालय निरीक्षक ने पर्चा आउट होने से इंकार किया और बिक रही हल कापियों को फर्जी बताया।
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नकल विहीन परीक्षा कराने के शिक्षा विभाग और प्रशासन के दावे खोखेले साबित हो रहे हैं। समय के साथ नकल करने और कराने के तरीके भी बदलते जा रहे हैं।
पहले केंद्रों पर खिड़कियों से नकल सामग्री डालने के साथ ही नकल कराने से जुड़ी कई तस्वीर दिख जाती थी लेकिन अब शिक्षक खुद बोल-बोलकर दस से बीस नंबर के सवालों को हल करा रहे हैं।
इसका प्रमाण मंगलवार को वाराणसी के चोलापुर के एक केंद्र पर गणित विषय की परीक्षा में सामूहिक नकल के मामले में तीन छात्रों के पकड़े जाने की घटना के बाद से देखा जा सकता है।
पकड़े गए सभी छात्रों की कापियों के जांच के बाद एक ही जैसा जवाब दिखा। बता दें कि भाजपा शासन में नकल अध्यादेश लागू होने की वजह से बड़ी कड़ाई होती है और केंद्रों पर नकल न के बराबर होती है लेकिन सरकार बदलने के बाद भी नकल पर नकेल लगा पाने में प्रशासन को सफलता नहीं मिल पा रही है। बता दें कि पांच दिन की परीक्षा में अब तक चार फर्जी छात्र भी पकड़े जा चुके हैं।
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परीक्षा के पहले से बाजार में बिकने लगी हल कापियां
बोर्ड परीक्षा
- फोटो : अमर उजाला
बोर्ड परीक्षा के पांचवे दिन मंगलवार को पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई और हौसलाबुलंद नकल माफियाओं ने नगरा तथा भीमपुरा क्षेत्र में इंटर भौतिकी परीक्षा के पहले ही पर्चा आउट कर दिया। इंटर भौतिकी प्रशभन पत्र के कोड संख्या 372-क्यूजेड की हल कापियां खुलेआम जगह-जगह बेची गईं और परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले ही माफियाओं ने परीक्षार्थियों को उपलब्ध करा दिया।
हालांकि जिला विद्यालय निरीक्षक ने पर्चा आउट होने से इंकार किया और बिक रही हल कापियों को फर्जी बताया।
बोर्ड परीक्षा शुरु होने के बाद शुरु हुई नकल की बयार थमने के बजाये और तेज होती जा रही है। मंगलवार को सुबह मुख्य परीक्षा में इंटर अर्थशास्त्र की रही और इसमें भी कमोवेश सभी केन्द्रों पर खूब नकल हुई।
कहीं कक्ष निरीक्षकों ने बोलकर परीक्षार्थियों को नकल कराया तो कहीं खुलेआम केन्द्रों तक बाहर से नकल सामग्री पहुंचाई गई। दूसरी पाली में इंटर भौतिकी की परीक्षा में तो नकल माफियाओं ने सारी हदें पार कर दीं और नगरा क्षेत्र में परीक्षा शुरु होने से करीब एक घंटे पहले ही पर्चा आउट कर दिया। इसके बाद हल कापियां भी खुलेआम बिकने लगीं।
नकल माफियाओं को इस बात की पूरी जानकारी थी कि किस-किस केन्द्र पर किस कोड का पेपर भेजा गया है, उसी हिसाब से संबंधित केन्द्रों तक हल कापी को भेजा। नगरा क्षेत्र में करीब एक बजे इंटर भौतिकी के कोड संख्या 372-क्यूजेड की हल कापियां इस कदर बाजार में उपलब्ध हुई कि कोई भी ले सकता था।
इस कोड की प्रशभन संख्या दो, तीन, चार व पंाच को हल कापियों से मिलान करने पर पूरी स्थिति साफ हो जाती है। परीक्षार्थियों ने भी माना कि करीब 70 फीसदी प्रशभनों के जबाव मिलते हैं। हैरानी की बात है कि अमर उजाला को हल कापियां परीक्षा शुरु होते ही उपलब्ध हो गई और इस बावत जिला विद्यालय निरीक्षक को बताए जाने पर उन्होेंने इससे इंकार करते हुए हल कापी की मांग की।
व्हाट्सऐप से हल कापी उपलब्ध कराने पर जिला विद्यालय ने साफ किया कि यह भ्रामक कापी है और फर्जी पेपर की हल कापी है। देर शाम में भी जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि इस मामले की वह स्वयं व जिलाधिकारी ने भी पड़ताल की लेकिन हल कापी गलत पाई गई है।
हालांकि जिला विद्यालय निरीक्षक ने पर्चा आउट होने से इंकार किया और बिक रही हल कापियों को फर्जी बताया।
बोर्ड परीक्षा शुरु होने के बाद शुरु हुई नकल की बयार थमने के बजाये और तेज होती जा रही है। मंगलवार को सुबह मुख्य परीक्षा में इंटर अर्थशास्त्र की रही और इसमें भी कमोवेश सभी केन्द्रों पर खूब नकल हुई।
कहीं कक्ष निरीक्षकों ने बोलकर परीक्षार्थियों को नकल कराया तो कहीं खुलेआम केन्द्रों तक बाहर से नकल सामग्री पहुंचाई गई। दूसरी पाली में इंटर भौतिकी की परीक्षा में तो नकल माफियाओं ने सारी हदें पार कर दीं और नगरा क्षेत्र में परीक्षा शुरु होने से करीब एक घंटे पहले ही पर्चा आउट कर दिया। इसके बाद हल कापियां भी खुलेआम बिकने लगीं।
नकल माफियाओं को इस बात की पूरी जानकारी थी कि किस-किस केन्द्र पर किस कोड का पेपर भेजा गया है, उसी हिसाब से संबंधित केन्द्रों तक हल कापी को भेजा। नगरा क्षेत्र में करीब एक बजे इंटर भौतिकी के कोड संख्या 372-क्यूजेड की हल कापियां इस कदर बाजार में उपलब्ध हुई कि कोई भी ले सकता था।
इस कोड की प्रशभन संख्या दो, तीन, चार व पंाच को हल कापियों से मिलान करने पर पूरी स्थिति साफ हो जाती है। परीक्षार्थियों ने भी माना कि करीब 70 फीसदी प्रशभनों के जबाव मिलते हैं। हैरानी की बात है कि अमर उजाला को हल कापियां परीक्षा शुरु होते ही उपलब्ध हो गई और इस बावत जिला विद्यालय निरीक्षक को बताए जाने पर उन्होेंने इससे इंकार करते हुए हल कापी की मांग की।
व्हाट्सऐप से हल कापी उपलब्ध कराने पर जिला विद्यालय ने साफ किया कि यह भ्रामक कापी है और फर्जी पेपर की हल कापी है। देर शाम में भी जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि इस मामले की वह स्वयं व जिलाधिकारी ने भी पड़ताल की लेकिन हल कापी गलत पाई गई है।