UP Board : वाराणसी में 122 परीक्षा केंद्र, 146 समस्या, कई जगहों पर न पक्की सड़क, न दरवाजे; DM ने दिए निर्देश
Varanasi News : जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। इसके साथ ही समस्याओं की सूची बनवाई जा रही है। एक-एक कर सभी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
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यूपी बोर्ड की परीक्षा के मद्देनजर जिले में बनाए गए 122 परीक्षा सेंटरों पर 146 आपत्तियां आई हैं। डीएम ने निर्देश दिए कि जिन स्कूलों को लेकर परीक्षा केंद्र की दूरी संबंधी आपत्तियां मिली हैं, उसे तत्काल दूर करें।
दागी स्कूलों और मानक के विपरीत बनाए सेंटरों की लिस्ट बनाई जाएगी। फिर नए सेंटर बनाए जाएंगे। शुक्रवार को जिलाधिकारी एस राजलिंगम की अध्यक्षता में यूपी बोर्ड परीक्षा सेंटर तय करने को लेकर जिला परीक्षा समिति की बैठक हुई। डीएम एस राजलिंगम ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार जो भी मानक तय किए गए हैं उसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। परीक्षा केंद्रों का आवंटन ढंग से हो।
उन्होंने कहा कि शासन के मानदंडों और योग्यता पूरी करने वाले विद्यालयों की सूची तैयार कर लें। इस बैठक में एडीएम विपिन कुमार, एसडीएम, जिला विद्यालय निरीक्षक, बीएसए सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। यूपी बोर्ड परीक्षा 24 फरवरी से 12 मार्च तक चलेगी। इस बार कुल 12 दिन में परीक्षा खत्म हो जाएगी। प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों का सत्यापन पूरा हो चुका है। पिछले साल के मुकाबले छह केंद्र कम बनाए गए हैं। जिले में 92,563 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। 10वीं में 45,493 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
12वीं में कुल 47,070 छात्र-छात्राओं का रजिस्ट्रेशन है। जिले में कुल 403 विद्यालय है, जिसमें 398 विद्यालयों का सत्यापन कर सूची अपलोड है। यूपी बोर्ड में परीक्षार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही है। 10वीं और 12वीं में इस वर्ष 94,445 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। 2024 की परीक्षा में 98895 परीक्षार्थी जनपद में पंजीकृत थे। इस वर्ष 4450 परीक्षार्थी घटे हैं।
18 स्कूलों में पर्याप्त कैमरे भी नहीं
122 परीक्षा सेंटर में से कई जगहों पर पक्की सड़क नहीं तो कहीं बाउंड्री नहीं, कहीं खिड़की और दरवाजे नहीं है। डीएम ने कहा कि परीक्षा सेंटर तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क हो। वहां कैमरे हो। राजकीय हाईस्कूल लालपुर, बड़ागांव, खरगुपुर सहित 18 स्कूलों में पर्याप्त कमरे नहीं हैं। कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां स्टाफ नहीं है। फिर भी इन विद्यालयों को केंद्र बना दिया गया है।
25 किमी दूर तक बने हैं सेंटर
ब्लॉक से 12 किलोमीटर दूरी पर सेंटर बनाने का नियम है, लेकिन कई ऐसे विद्यालयों को केंद्र बना दिया गया है जो 20-25 किमी दूर हैं। 60 विद्यालयों की दूरी अधिक है। 18 विद्यालयों में छात्रों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। 18 आपत्तियों में क्लास रूम न होने, कैमरा न होने और स्टाफ की भारी कमी होने का जिक्र किया गया है।
बोले अधिकारी
परीक्षा केंद्रों को लेकर जो आपत्तियां आई हैं, उसकी जांच की गई है। मानक के विपरीत बने सेंटरों को हटाकर दूसरे सेंटर निर्धारित किए जाएंगे। जल्द ही बदले जाने वाले केंद्रों की सूची जारी कर दी जाएगी। - अवध किशोर सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक