{"_id":"5bd2f124bdec22697300b363","slug":"union-minister-close-pesron-murder-in-varanasi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बनारस में केंद्रीय मंत्री के करीबी की गोली मारकर हत्या, 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बनारस में केंद्रीय मंत्री के करीबी की गोली मारकर हत्या, 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 27 Oct 2018 01:12 PM IST
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फोटोस्टेट दुकान संचालक।
- फोटो : अमर उजाला
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बनारस में आए दिन अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। बदमाशों में पुलिस का खौफ भी नहीं रह गया है। गुरुवार की रात जगतगंज स्थित फोटोस्टेट दुकान के संचालक सतीश राय (40) को गोली मार कर हत्या कर दी गई। सतीश का परिवार केंद्रीय संचार एवं रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा का करीबी है और आरएसएस से भी जुड़ा है।
हत्या की वजह दूसरे दिन शुक्रवार को भी नहीं स्पष्ट हो सकी। पुलिस हाल के महीनों में सतीश से जुड़े तीन विवादों को वारदात की वजह मानकर सर्विलांस की मदद से तफ्तीश कर रही है। हालांकि पुलिस टीमों का कहना है कि ये तीनों विवाद इस किस्म के नहीं हैं कि कोई किसी की हत्या कर या करा दे।
वहीं, घटनास्थल और आसपास लगे सीसी कैमरों की फुटेज की मदद से पुलिस संदिग्ध गतिविधियों वाले पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस की एक टीम सतीश के गांव गाजीपुर जिले के रेवतीपुर (भिखमपट्टी) रवाना की गई है। वारदात के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच सहित पुलिस की तीन टीमों को लगाया गया है।
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सिगरा थाना अंतर्गत शिवपुरवा क्षेत्र की निराला नगर निवासी सतीश राय जगतगंज में फोटोस्टेट की दुकान संचालित करते थे। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में मौजूद सतीश के करीबियों के अनुसार वो गाजीपुर जिले के रेवतीपुर के मूल निवासी थे और बीएचयू में उनके चाचा डीसी राय प्रोफेसर हैं।
चर्चा रही कि वारदात के बाद दो लोग पैदल ही भागते हुए देखे गए हैं। जानकारी के अनुसार रात सवा नौ बजे के लगभग अपने भाई के साथ सतीश दुकान पर मौजूद थे। उनके भाई ने देखा कि अचानक सतीश जमीन पर गिर पड़े हैं और उनके बाएं कंधे से खून बह रहा है।
आनन-फानन में सतीश को मलदहिया स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत गंभीर देख कर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने सतीश को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार सतीश के बाएं कंधे में गोली मारी गई है।
परिजनों के अनुसार सतीश की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। इस संबंध में सीओ चेतगंज अंकिता सिंह ने कहा कि सतीश के परिजनों और करीबियों से पूछताछ कर वारदात की वजह पता लगाई जा रही है।
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हत्या की वजह दूसरे दिन शुक्रवार को भी नहीं स्पष्ट हो सकी। पुलिस हाल के महीनों में सतीश से जुड़े तीन विवादों को वारदात की वजह मानकर सर्विलांस की मदद से तफ्तीश कर रही है। हालांकि पुलिस टीमों का कहना है कि ये तीनों विवाद इस किस्म के नहीं हैं कि कोई किसी की हत्या कर या करा दे।
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वहीं, घटनास्थल और आसपास लगे सीसी कैमरों की फुटेज की मदद से पुलिस संदिग्ध गतिविधियों वाले पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस की एक टीम सतीश के गांव गाजीपुर जिले के रेवतीपुर (भिखमपट्टी) रवाना की गई है। वारदात के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच सहित पुलिस की तीन टीमों को लगाया गया है।
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सिगरा थाना अंतर्गत शिवपुरवा क्षेत्र की निराला नगर निवासी सतीश राय जगतगंज में फोटोस्टेट की दुकान संचालित करते थे। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में मौजूद सतीश के करीबियों के अनुसार वो गाजीपुर जिले के रेवतीपुर के मूल निवासी थे और बीएचयू में उनके चाचा डीसी राय प्रोफेसर हैं।
चर्चा रही कि वारदात के बाद दो लोग पैदल ही भागते हुए देखे गए हैं। जानकारी के अनुसार रात सवा नौ बजे के लगभग अपने भाई के साथ सतीश दुकान पर मौजूद थे। उनके भाई ने देखा कि अचानक सतीश जमीन पर गिर पड़े हैं और उनके बाएं कंधे से खून बह रहा है।
आनन-फानन में सतीश को मलदहिया स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत गंभीर देख कर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने सतीश को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार सतीश के बाएं कंधे में गोली मारी गई है।
परिजनों के अनुसार सतीश की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। इस संबंध में सीओ चेतगंज अंकिता सिंह ने कहा कि सतीश के परिजनों और करीबियों से पूछताछ कर वारदात की वजह पता लगाई जा रही है।
बेहद मिलनसार और विवादों से दूर रहते थे सतीश
UP Police
जगतगंज में बदमाशों की गोली का शिकार हुए दुकानदार सतीश राय बेहद मिलनसार, विवादों से दूर रहने वाले और गाजीपुर के रेवतीपुर के सम्मानित परिवार के सदस्य बताए गए हैं। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उनके बड़े भाई मनीष और चाचा प्रो. डीसी राय ने बताया कि सतीश का कभी किसी प्रकार का झगड़ा या विवाद सुनने को नहीं मिला। घर और दुकान के अलावा सतीश कहीं ज्यादा समय नहीं गुजारते थे। परिजनों को सतीश की हत्या की कोई वजह समझ में नहीं आई। इसके चलते वारदात की वजह को लेकर पुलिस भी खासा पसोपेश में रही।
उधर, सतीश की हत्या की जानकारी मिलते ही जगतगंज और लहुराबीर क्षेत्र के व्यापारी घटनास्थल पर एकत्र हो गए। सभी सतीश की हत्या से स्तब्ध और खासे गुस्से में दिखे। व्यापारियों ने पुलिस से बदमाशों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
वहीं, तफ्तीश में जुटी पुलिस टीमों के अनुसार सतीश को गोली नजदीक से मारी गई है और बदमाश क्षेत्र की गलियों व भौगोलिक स्थिति से पूरी तरह से वाकिफ थे। साथ ही, बदमाश घटनास्थल पर पहले से मौजूद थे और उपयुक्त समय देखकर उन्होंने गोली चलाई। आशंका जताई गई है कि घटनास्थल से कुछ दूरी पर रामकटोरा मार्ग से जुड़ी गली में बदमाशों ने बाइक खड़ी की थी।
उधर, सतीश की हत्या की जानकारी मिलते ही जगतगंज और लहुराबीर क्षेत्र के व्यापारी घटनास्थल पर एकत्र हो गए। सभी सतीश की हत्या से स्तब्ध और खासे गुस्से में दिखे। व्यापारियों ने पुलिस से बदमाशों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
वहीं, तफ्तीश में जुटी पुलिस टीमों के अनुसार सतीश को गोली नजदीक से मारी गई है और बदमाश क्षेत्र की गलियों व भौगोलिक स्थिति से पूरी तरह से वाकिफ थे। साथ ही, बदमाश घटनास्थल पर पहले से मौजूद थे और उपयुक्त समय देखकर उन्होंने गोली चलाई। आशंका जताई गई है कि घटनास्थल से कुछ दूरी पर रामकटोरा मार्ग से जुड़ी गली में बदमाशों ने बाइक खड़ी की थी।
हत्या की खबर मिलते ही शोक में डूबा गांव
गतगंज स्थित कमला पुस्तक भवन के संचालक रेवतीपुर (भिखमपट्टी) निवासी सतीश राय की हत्या की खबर आते ही परिवार में कोहराम मच गया। बूढ़े पिता दहाड़े मारकर रोने लगे। देर रात पिता के साथ परिवार के अन्य सदस्य वाराणसी के लिए रवाना हो गए। शुक्रवार को सतीश राय के घर ताला बंद था और पूरा गांव शोक में डूबा रहा। मृतक का अंतिम संस्कार वाराणसी में हरिश्चंद्र श्मशान घाट पर किया गया। परिवार वालों की माने तो शनिवार को शाम तक सभी सदस्य गांव पहुंचेंगे।
स्थानीय गांव निवासी श्लोक राय का बेटा सतीष राय (38) अपने बड़े भाई मनीष राय के साथ करीब दस साल से पत्नी मंजू और 11 साल के बेटे आदर्श राय के साथ वाराणसी में रहता था। जबकि उसके पिता और दो भाई भूपेश राय और अनिल राय गांव पर ही परिवार के साथ रहते हैं। वाराणसी जगतगंज स्थित फोटो स्टेट दुकान पर ही गुरुवार की रात करीब साढ़े आठ बजे किसी कारणवश अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर सतीश की हत्या कर दी। घटना के तत्काल बाद मौत की खबर जैस ही परिवार वालों को मिली, वह चीख-पुकार करने लगे।
लोगों के रोने की आवाज सुनकर आस-पास के लोग मौके पर पहुंच गए और बिलख रहे लोगों को सांत्वना देने में जुट गए। परिवार सहित गांववासियों की आंखों में सतीश का चेहरा नाचने लगा। काफी समय से सतीश परिवार तथा बड़े भाई मनीष राय के साथ वाराणसी में रहता था। उधर बेटे की मौत पर पिता श्लोक राय के आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
वह बिलखते हुए घटना के लिए ऊपर वाले की दुहाई दे रहे थे। रात में ही परिवार के लोग वाराणसी के लिए रवाना हो गए। शुक्रवार को हरिश्चंद्र घाट पर सतीश का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके पिता ने दी। अंतिम संस्कार में गांव के तमाम लोगों ने हिस्सा लिया। घटना को लेकर गांववासियों में चर्चा होती रही कि सतीश की आखिर किसने और क्यों गोली मारकर हत्या की ? लेकिन अभी तक कारण का पता नहीं चल सका है।
स्थानीय गांव निवासी श्लोक राय का बेटा सतीष राय (38) अपने बड़े भाई मनीष राय के साथ करीब दस साल से पत्नी मंजू और 11 साल के बेटे आदर्श राय के साथ वाराणसी में रहता था। जबकि उसके पिता और दो भाई भूपेश राय और अनिल राय गांव पर ही परिवार के साथ रहते हैं। वाराणसी जगतगंज स्थित फोटो स्टेट दुकान पर ही गुरुवार की रात करीब साढ़े आठ बजे किसी कारणवश अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर सतीश की हत्या कर दी। घटना के तत्काल बाद मौत की खबर जैस ही परिवार वालों को मिली, वह चीख-पुकार करने लगे।
लोगों के रोने की आवाज सुनकर आस-पास के लोग मौके पर पहुंच गए और बिलख रहे लोगों को सांत्वना देने में जुट गए। परिवार सहित गांववासियों की आंखों में सतीश का चेहरा नाचने लगा। काफी समय से सतीश परिवार तथा बड़े भाई मनीष राय के साथ वाराणसी में रहता था। उधर बेटे की मौत पर पिता श्लोक राय के आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
वह बिलखते हुए घटना के लिए ऊपर वाले की दुहाई दे रहे थे। रात में ही परिवार के लोग वाराणसी के लिए रवाना हो गए। शुक्रवार को हरिश्चंद्र घाट पर सतीश का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके पिता ने दी। अंतिम संस्कार में गांव के तमाम लोगों ने हिस्सा लिया। घटना को लेकर गांववासियों में चर्चा होती रही कि सतीश की आखिर किसने और क्यों गोली मारकर हत्या की ? लेकिन अभी तक कारण का पता नहीं चल सका है।
साइलेंसर का वर्षों बाद हुआ इस्तेमाल, हैरत में पुलिस
हत्या में शहर में वर्षों बाद साइलेंसर युक्त पिस्टल का इस्तेमाल हुआ। खुद पुलिसकर्मियों को भी नहीं याद कि इससे पहले कब साइलेंसर युक्त पिस्टल का इस्तेमाल हुआ था। पुलिस के अनुसार बदमाश अत्याधुनिक असलहे से लैस थे। तफ्तीश में जुटी पुलिस टीमों ने जगतगंज स्थित घटनास्थल और उसके समीप के प्रदीप होटल के अलावा रामकटोरा, लहुराबीर और संस्कृत विश्वविद्यालय मार्ग की दो दर्जन से ज्यादा दुकानों के सीसी कैमरे की फुटेज कब्जे में ली है।