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Union Budget 2023: बजट पर टिकीं सबकी नजरें, पर्यटन, उद्योग और व्यापारियों को है ये उम्मीद

Wed, 01 Feb 2023 11:32 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Wed, 01 Feb 2023 11:32 AM IST
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Union Budget 2023: All eyes on the budget, tourism, industry and traders have this hope
बजट 2023 - फोटो : सोशल मीडिया
आज पेश होने वाले बजट पर पर्यटन कारोबारियों की नजरें टिकी हुई हैं। आस है कि पर्यटन को उड़ान देने वाली योजनाएं वित्त मंत्री के पिटारे से निकलेंगी। पर्यटन स्थल को जोड़ने के लिए कुछ रूटों पर नई ट्रेनों की सौगात मिल सकती है। कारोबारियों ने वित्त मंत्री से नई ट्रेनें चलाने की मांग की है। खजुराहो, आगरा, मथुरा और दक्षिण भारत के बीच नई ट्रेन संचालन से काशी के पर्यटन में और इजाफा होगा।
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वाराणसी टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता के अनुसार, बनारस से खजुराहो के बीच सीधी रेल सेवा शुरू होनी चाहिए। इस रूट पर विमान सेवा भी नहीं है। ऐसे में यात्रियों को सड़क के जरिये आवाजाही करनी पड़ती है। वहीं, दक्षिण भारत के लिए भी ट्रेनों की संख्या बढ़नी चाहिए। श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के लोकार्पण के बाद से दक्षिण भारतीय पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ी है। ऐसे में कैंट या बनारस स्टेशन से दक्षिण के लिए नई ट्रेन चले। पीडीडीयू नगर और कैंट से खुलने वाली ट्रेनों में यात्रियों को सीट के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। 
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टूर ऑपरेटर प्रदीप राय के अनुसार, आगरा के लिए सीधी ट्रेन होनी चाहिए, जो कि मथुरा को भी जोड़ सके। पूर्वोत्तर रेलवे के बनारस स्टेशन से आगरा के लिए नई ट्रेन चलनी चाहिए। मौजूदा समय में आगरा और मथुरा के बीच ट्रेन संख्या बहुत कम है, जिसमें अधिकतर सीटें फुल रहती हैं। कोविड काल के पहले वाराणसी-आगरा के बीच तेजस एक्सप्रेस चलाने की योजना थी, हालांकि कोविड के चलते इस सेवा पर ब्रेक लग गया। तेजस का संचालन होता है तो फिर आगरा-वाराणसी के बीच पर्यटकों की आवाजाही काफी बढ़ जाएगी।  टूर ऑपरेटर अभिषेक सिंह ने बताया कि महाकाल एक्सप्रेस की तरह ही कुछ और ट्रेनें चलनी चाहिए। एक और वंदे भारत एक्सप्रेस संचालन की घोषणा पहले से ही है। पर्यटक स्थलों को जोड़ते हुए सुपरफास्ट ट्रेन का संचालन बहुत जरूरी है। 
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Union Budget 2023: All eyes on the budget, tourism, industry and traders have this hope
union budget for sports - फोटो : सोशल मीडिया
बनारस को मिल सकता है उद्योग पैकेज  
उद्यमियों को आस है कि बजट में बनारस को उद्योग पैकेज की सौगात मिल सकती है। मंगलवार को लघु उद्योग भारती संघटन की बैठक कबीर चौरा में हुई। उद्यमियों ने कहा कि उद्योग पैकेज जारी होने से बनारस के आसपास इकाइयां स्थापित होंगी और इससे रोजगार भी बढ़ेगा। अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने कहा कि खाद कारखाना या कोई बड़ा भारी उद्योग स्थापित हो। जबकि निर्यात में सब्सिडी मिलनी चाहिए। उपाध्यक्ष ज्योति शंकर मिश्रा ने कहा कि जीएसटी बहुत उलझन भरा है। रिफंड प्राप्त करने में व्यापारी को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ता है। उद्यमी गुलजारी लाल ने कहा कि उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य ओर शिक्षा क्षेत्र में राहत मिल सकती है। ऐसी सरकार से मांग और उम्मीद भी है। उद्यमी दीनानाथ बरनवाल ने कहा कि आयात शुल्क में सरकार को वृद्धि करनी चाहिए। ताकि आयातित वस्तु पर रोक लगे। इस कारण उस वस्तु का निर्माण देश में ही हो सकेगा। सर्वेश श्रीवास्तव ने भी विचार व्यक्त किया।
 
 

Union Budget 2023: All eyes on the budget, tourism, industry and traders have this hope
Union Budget 2023-24 - फोटो : Istock
जीएसटी की विसंगतियां हो दूर, मेटल पर लगे एक टैक्स
वाराणसी। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की बैठक रथयात्रा में हुई। जीएसटी की विसंगतियों को तत्काल दूर करने और एक ही मेटल पर कई तरह के टैक्स को लेकर आपत्ति की गई। मांग हुई कि एक मेटल पर एक ही टैक्स दर हो। 
व्यापार मंडल के जिला प्रभारी और महानगर अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि  बर्तनों पर थाली, गिलास, कटोरी पर टैक्स 12 प्रतिशत है और सरकार ने सब्जी काटने वाले चाकू और छीलने वाले पीलर और कल्छुल, चम्मच को लग्जरी मानते हुए उस पर टैक्स दर 18 प्रतिशत कर दी है, इसमें तत्काल सुधार करें। गैस लाइटर को भी 12 प्रतिशत की परिधि में लाया जाए। बैठक मेंमहामंत्री राम भरत ओझा, विजय नारायण कपूर, राजू बाजोरिया, राजेश लखानी, महेश गुप्ता ने अपने विचार रखे।
 
 

Union Budget 2023: All eyes on the budget, tourism, industry and traders have this hope
बजट - फोटो : PTI
कैट ने किया आर्थिक सर्वेक्षण
वाराणसी। बजट को लेकर कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आर्थिक सर्वेक्षण किया है। कैट व्यापारियों को आस है कि केंद्रीय बजट में व्यापार व उद्योग के लिए अनेक समर्थन नीतियों का समावेश होगा। 
चांदपुर स्थित कार्यालय पर कैट के प्रदेश महामंत्री अखिलेश मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार ने समय समय पर आवश्यक कदम उठाते हुए वित्तीय तरलता को बनाए रखा है, जिसकी वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था सही दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि, सर्वेक्षण में उधार लेने की लागत अधिक रहने का अनुमान है जो व्यापार और उद्योग के लिए चिंता का कारण है। 

इस बार के बजट में वेतन भोगी व मध्यम वर्ग को ध्यान में रख आयकर छूट की उम्मीद कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2014-15 से धारा 80 सी के तहत छूट डेढ़ लाख रुपये किया गया था, जिसे इस बार बढ़ाकर ढाई लाख कर देना चाहिए। आयकर की छूट की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर कम से कम तीन लाख करनी चाहिए। - केन गौतम, चार्टर्ड अकाउंटेंट, जगतगंज
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