UP: काशी रेलवे स्टेशन के पास टूट रहा अंडरपास, अस्थायी मार्ग बनेगा; रेलवे कॉलोनी के क्वार्टर हो चुके हैं खाली
Varanasi News: काशी रेलवे स्टेशन के पास स्थित अंडरपास को तोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। निर्माण कार्य के दौरान यातायात सुचारु रखने के लिए अस्थायी मार्ग बनाया जाएगा। इस मार्ग से प्रतिदिन वाराणसी, चंदौली और बिहार की ओर हजारों वाहन गुजरते हैं। रेलवे कॉलोनी के अधिकांश क्वार्टर भी खाली कराए जा चुके हैं।
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काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का काम तेज हो गया है। इसमें प्लेटफॉर्म विस्तार, नई रेलवे लाइन बिछाने, यार्ड री-मॉडलिंग, सिग्नल सहित अन्य काम कराया जाना है। इस बीच स्टेशन के पास बने भदऊचुंगी स्थित पुराने रेलवे अंडरपास (रेलवे डॉट पुल) के एक हिस्से को तोड़ दिया गया है।
यहां मिट्टी हटाने का काम जारी है। जल्द ही रेलवे के इस पुल के बगल से एक अस्थायी मार्ग भी बनाया जाएगा। इसके बाद रूट डायवर्जन लागू कर वैकल्पिक मार्ग से वाहनों का संचालन कराया जाएगा।
भदऊचुंगी स्थित रेलवे अंडरपास से होते हुए वाराणसी से हर दिन चंदौली, बिहार तक हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। काशी रेलवे स्टेशन के कायाकल्प के काम के लिए रेलवे ने 100 दिनों का मेगा ब्लॉक लिया है। इसमें इंटरलॉकिंग प्रणाली के आधुनिकीकरण, ओवरहेड विद्युत लाइन से जुड़े कार्यों सहित कई तकनीकी परियोजनाओं का काम कराया जा रहा है।
भदऊचुंगी रेलवे अंडरपास के ऊपर से रेलवे ट्रैक गुजरता है, जबकि नीचे से जीटी रोड पर प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन आवागमन करते हैं। स्टेशन के बाहर स्थित गंगा रेलवे कॉलोनी तेजी से खाली हो रहा है। रेलवे की ओर से पहले ही कॉलोनी खाली करने का नोटिस जारी किया जा चुका है। अधिकांश रेलकर्मी और उनके परिवार निर्धारित समय के भीतर दूसरे रेलवे आवासों में स्थानांतरित हो चुके हैं।
गंज शहीदा मस्जिद पर चस्पा है रेलवे का नोटिस
काशी रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित गंज शहीदा मस्जिद पर रेलवे द्वारा चस्पा की गई नोटिस के 15 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी है। स्थानीय लोगों की नजरें रेलवे के अगले कदम पर टिकी हैं।
13 जून को रेलवे ने गंज शहीदा मस्जिद के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा कर संबंधित भूमि को रेलवे की संपत्ति बताते हुए 20 जून तक परिसर खाली करने की बात कही थी। हालांकि, निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी रेलवे की ओर से कोई आगे की कार्रवाई नहीं की गई है। दूसरी ओर, मस्जिद कमेटी लगातार यह दावा कर रही है कि मस्जिद की भूमि रेलवे की नहीं है।