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उभ्भाकांड: एसआईटी की जांच में 14 आरोपियों की हो चुकी है मौत
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सोनभद्र। उम्भा कांड में एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में सोनभद्र के तत्कालीन डीएम, एसडीएम समेत 21 अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई और एक एसडीएम, एक तहसीलदार समेत 22 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की भी सिफारिश की गई है। उभ्भाकांड मामले में 14 अन्य आरोपितों की मौत हो चुकी है। इसकी रिपोर्ट भी सौंप दी गई।
बता दें, 17 जुलाई 2019 को घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में एक सहकारी समिति की विवादित जमीन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ था। इसमें एक पक्ष के 11 लोगों की मौत हो गई थी और 25 से अधिक लोग घायल हो गए थे। वहीं दूसरे पक्ष से भी कई लोग घायल हो गए थे। प्रकरण संज्ञान में आने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मृतकों के आश्रितों और घायलों से मुलाकात किया था। सीएम ने जिला प्रशासन को मृत लोगों के आश्रितों, घायलों और भूमिहीनों को ग्राम सभा में पट्टे पर जमीन देने की घोषणा करते हुए प्रकरण की एसआईटी से जांच कराने का निर्देश दिया था। प्रशासन की ओर से 11 मृतकों के परिजनों को साढ़े सात-सात बीघे जमीन एवं 270 ग्रामीणों को भूमि की उपलब्धता के अनुसार पट्टे पर जमीन दे दी गई है। उधर, एसआईटी ने भी जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी है।
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बता दें, 17 जुलाई 2019 को घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में एक सहकारी समिति की विवादित जमीन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ था। इसमें एक पक्ष के 11 लोगों की मौत हो गई थी और 25 से अधिक लोग घायल हो गए थे। वहीं दूसरे पक्ष से भी कई लोग घायल हो गए थे। प्रकरण संज्ञान में आने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मृतकों के आश्रितों और घायलों से मुलाकात किया था। सीएम ने जिला प्रशासन को मृत लोगों के आश्रितों, घायलों और भूमिहीनों को ग्राम सभा में पट्टे पर जमीन देने की घोषणा करते हुए प्रकरण की एसआईटी से जांच कराने का निर्देश दिया था। प्रशासन की ओर से 11 मृतकों के परिजनों को साढ़े सात-सात बीघे जमीन एवं 270 ग्रामीणों को भूमि की उपलब्धता के अनुसार पट्टे पर जमीन दे दी गई है। उधर, एसआईटी ने भी जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी है।
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