उजाला सिग्नस हॉस्पिटल में हुआ सफल इलाज, दो साल से पैर की इस तकलीफ को चंद मिनटों में किया ठीक
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वाराणसी के विनायका निवासी अली अब्बास खान(23) दो साल से पैर की तकलीफ से परेशान थे। घर में ही गिरने के बाद उनके दाहिने पैर में गंभीर चोट आई। जांच कराई तो पता चला कि घुटने में फ्रैक्चर है। बहुत इलाज कराने के बाद कहीं से कोई सुधार नहीं हुआ।
इसके बाद भेलूपुर स्थित उजाला सिग्नस हॉस्पिटल में जांच कराई, जहां चिकित्सकों की सलाह पर उसे भर्ती किया गया। यहां डॉक्टरों की टीम ने रविवार को घुटने का सफल प्रत्यारोपण किया। अब वह पहले की तरह चल पा रहा है।
हॉस्पिटल में घुटना प्रत्यारोपण के बाद मंगलवार को अली परिजनों के साथ घर भी चले गए। अख्तर अब्बास खान के सुपुत्र अली ने बताया कि घर में ही गिर जाने के बाद उनके पैर में चोट लगी। चोट इतनी गहरी थी कि पैरों में इतनी शक्ति नहीं थी कि वह बिना किसी सहारे के चल सके।
कुछ दिन तक फिजियोथिरेपी कराई तो थोड़ा बहुत आराम मिला लेकिन फिर समस्या जस की तस हो गई। उजाला हॉस्पिटल में ज्वाइंट स्पेशलिस्ट डॉ. रोहित पांडेय ने 18 जनवरी को अली अब्बास की जांच करने के बाद घुटना प्रत्यारोपण की सलाह दी।
उजाला हॉस्पिटल की युवा चिकित्सकों की टीम ने न केवल अली का घुटना प्रत्यारोपण किया बल्कि अब वह चल पा रहा है। डॉ. रोहित ने बताया कि पैर की दूसरी मांशपेशियों को लेकर घुटने के अंदर दूरबीन विधि से लीगमेंट को बनाया गया। इससे मरीज को कोई दर्द नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि बताया कि इस तरह के ऑपरेशन में सबसे अधिक सावधानी संक्रमण से बचाने की होती है। दूरबीन से इस तरह ऑपरेशन की सुविधा पूर्वांचल में कुछ ही अस्पतालों में है। उच्चत्तर माडयूलर ओटी होने की वजह से संक्रमण का खतरा भी कम रहता है। डॉक्टरों की टीम में एनेस्थेसिस्ट डॉ. प्रियरंजन, फिजियोथिरेपिस्ट डॉ. शुभ्रता गांगुली मौजूद रहे।