विद्यापीठ : 200 केंद्रों पर UG की परीक्षा शुरू, मार्च से मूल्यांकन; इसी महीने परिणाम जारी कर सकता है विवि
काशी विद्यापीठ से जुड़े वाराणसी, सोनभद्र, चंदौली, भदोही और मिर्जापुर में 200 से अधिक केंद्रों पर यूजी की प्रमुख परीक्षा शुरू हो गई है।
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Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में स्थगित परीक्षाएं अब नई समयसारिणी से करवाई जा रही हैं। 16 फरवरी से पीजी के पेपर हो रहे हैं। यूजी में बीए, बीएससी, बीकॉम की परीक्षा बृहस्पतिवार से शुरू हो गई है। खास बात यह है कि परीक्षा के साथ-साथ कॉपियों के मूल्यांकन का निर्णय लिया है।
मार्च के पहले सप्ताह से यूजी परीक्षा का मूल्यांकन होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूर्व में हो चुकी कुछ कोर्स की परीक्षा का परिणाम इसी महीने जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
दो लाख विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं। सुबह 10 से 12 बजे तक 22 मार्च तक चलने वाली परीक्षाओं के लिए जिलेवार नोडल सेंटर बनाए गए हैं। इन सेंटरों से जहां परीक्षा के दिन पेपर भिजवाया जा रहा है।
वहीं, परीक्षा खत्म होने के बाद यहीं पर कॉपियों को जमा करने की व्यवस्था की गई है। परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा का कहना है कि महाकुंभ की वजह से करीब 15 दिन की देरी से शुरू हुई परीक्षा का असर अब परिणाम पर न पड़े और सत्र विलंब न हो, इसके लिए कॉपियों का मूल्यांकन भी करवाया जाएगा।
परीक्षा के लिए विभागवार बनेगा उड़ाका दल
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शनिवार को हुई बैठक में परीक्षा संचालन सहित अन्य कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर की परीक्षाएं करवाने की जिम्मेदारी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्षों को दी गई। इसमें विभागवार उड़ाका दल बनाने का निर्णय लिया गया है।
प्रशासनिक भवन में कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय में होने वाली परीक्षा के साथ ही पढ़े विश्वविद्यालय बढ़े विश्वविद्यालय, साइकिल यात्रा, महिला दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। निर्णय हुआ कि विश्वविद्यालय परिसर में स्नातक स्तर की परीक्षाओं के लिए संबंधित संकायाध्यक्ष और स्नातकोत्तर की परीक्षाओं के लिए विभागाध्यक्ष संकाय और विभाग का सचल दस्ता बनाएंगे।
कुलपति ने बताया कि स्नातक की परीक्षा के लिए समयसारिणी परीक्षा विभाग ने बना ली है। संकायाध्यक्ष और विभागाध्यक्ष परीक्षा विभाग और विद्यार्थियों से समन्वय बनाकर यह सुनिश्चित करें कि किसी प्रतियोगी परीक्षा के दिन संबंधित पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों की परीक्षा न हो।
कहा कि यदि कोई पाठ्यक्रम पूरा न हुआ हो तो ऑनलाइन या ऑफलाइन कक्षाएं संचालित कर उसे पूरा कराया जाए। बैठक में संकायाध्यक्ष/विभागाध्यक्ष की ओर से संकाय/विभाग में संचालित पाठ्यक्रम में स्वयम पोर्टल के पाठ्यक्रम को लेने का निर्णय लिया गया। अध्ययन समिति में पाठ्यक्रम को पास कराकर उपलब्ध कराना होगा।