Udaipur Files: 'फिल्म से बिगड़ेगा सांप्रदायिक सौहार्द', वाराणसी में अब्दुल बातिन ने सीपी-डीएम को भेजा पत्र
उदयपुर फाइल्स फिल्म को लेकर अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद ने अपनी आपत्ति जताई है। वाराणसी के सीपी और डीएम को पत्र भेजकर फिल्म पर रोक लगाने की मांग की गई है। कहा है कि यह फिल्म सांप्रदायिक सौहार्द के लिए खतरा बन सकती है।
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Varanasi News: अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद ने उदयपुर फाइल्स फिल्म को सांप्रदायिक सौहार्द और शांति व्यवस्था के लिए खतरा बताया है। मसाजिद कमेटी के सचिव अब्दुल बातिन नोमानी ने पुलिस आयुक्त एवं जिलाधिकारी को पत्र लिखकर फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि फिल्म में कई भड़काऊ, आपत्तिजनक और तथ्यहीन बाते हैं जिसके कारण धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचेगी।
मसाजिद के सचिव अब्दुल बातिन नोमानी ने पत्र में लिखा है कि उदयपुर फाइल्स 11 जुलाई को रिलीज होने जा रही है। इसके ट्रेलर एवं प्रचार सामग्री से यह स्पष्ट होता है कि फिल्म शहर की कानून व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बन सकती है।
उन्होंने कहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर झूठे एवं भड़काऊ दृश्य व डायलाग प्रस्तुत किए गए हैं। यह सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मामले को प्रभावित करने की नीयत प्रतीत होती है। पैगंबर हजरत मुहम्मद स. के संबंध में भी अत्यंत आपत्तिजनक बातें कही गई हैं जो न केवल धार्मिक भावनाओं को भड़काती हैं बल्कि 295 ए, 153 ए जैसी धाराओं के अंतर्गत दंडनीय है।
बोले- माैलिक अधिकारों का उल्लंघन
यह फिल्म हमारे संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों का भी खुला उल्लंघन करती है। यह फिल्म सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश का भी उल्लंघन करती है जिसमें कोर्ट ने कहा है कि विचाराधीन मामलों में सार्वजनिक भावनाओं को भड़काने वाले प्रचार से बचा जाए।
शुक्रवार फिल्म की रिलीज के दिन जुमा की नमाज और सावन का पवित्र महीना दोनों एक साथ है, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित होने और सांप्रदायिक तनाव फैलने का गहरा अंदेशा है। सचिव ने कहा कि हमारी मांग है कि फिल्म के प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगाई जाए।
निर्माता-निर्देशकों एवं प्रदर्शकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। जिला प्रशासन द्वारा शहर में विशेष सतर्कता और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अग्रिम कदम उठाए जाएं। स्थानीय सिनेमा घरों में इस फिल्म के प्रदर्शन से रोका जाए ताकि शांति बनी रहे।