वाराणसी: कैंट रेलवे स्टेशन पर बनेंगे दो नए प्लेटफार्म, दस करोड़ रुपये की आएगी लागत
कैंट रेलवे स्टेशन पर अभी नौ प्लेटफार्म हैं। नए प्लेटफार्म बन जाने पर ट्रेनों को आउटर पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा और समय से प्लेटफार्म तक पहुंच जाएंगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर अब नौ नहीं कुल 11 प्लेटफार्म होंगे। इसके लिए रेलवे की ओर से तैयारी शुरू हो गई है। स्टेशन के लोहता साइड में प्लेटफार्म संख्या 4 और 5 से जुड़ते हुए दो और डॉक प्लेटफार्म 10 और 11 बनाए जाएंगे। दोनों प्लेटफार्मों को बनाने में कुल दस करोड़ की लागत आएगी और 2023 तक बनकर तैयार हो जाएंगे। इससे कैंट स्टेशन पर ट्रेनों को आउटर पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा और समय से प्लेटफार्म तक पहुंच जाएंगी।
इस समय कैंट रेलवे स्टेशन को विकसित करने के लिए रेलवे की ओर से कई कार्य कराए जा रहे हैैं। इसमें यार्ड रिमॉडलिंग प्रोजेक्ट, तीन मंजिला नए भवन का निर्माण, सर्कुलेटिंग एरिया में काम, प्लेटफार्म नंबर दो और तीन को विकसित करने जैसे कई कार्य हैं। इसी प्रकार स्टेशन पर यात्रियाें की सुविधा और ट्रेनों को निर्बाध प्लेटफार्म पर खड़ा करने के लिए दो नए डॉक प्लेटफार्म बनाने की कार्ययोजना रेलवे ने बनाई है। इन प्लेटफार्मों की निर्धारित लंबाई 686 मीटर और चौड़ाई 12 से 13 मीटर रखी गई है, जिससे की अधिकतम कोच वाली यात्री गाड़ी भी इन प्लेटफार्मों पर खड़ी हो जाएं और यात्रियों को कोई परेशानी न हो।
रेलवे के डॉक प्लेटफार्म एक तरफ से होते हैं बंद
डॉक प्लेटफार्म एक छोर से बंद होते हैं। इन प्लेटफार्मोें पर ट्रेन जिस दिशा से आती है, उसे उसी दिशा में वापस लौटना होता है। डॉक प्लेटफार्म से आगे जाने के लिए ट्रेनों को दूसरी दिशा में वापस जाकर ट्रैक चेंज करना पड़ता हैं। लखनऊ से बनारस आने वाली ट्रेनों को डॉक प्लेटफार्म संख्या 10 और 11 पर खड़ा कर उसी दिशा में वापस लौटा दिया जाएगा।
कैंट के स्टेशन निदेशक आनंद मोहन ने बताया कि कैंट रेलवे स्टेशन पर दो नए डॉक प्लेटफार्म संख्या 10 और 11 का निर्माण किया जाएगा, जहां पर ट्रेनें आएंगी और उसी दिशा में यात्रियों को लेकर निकल जाएंगी।