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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Two-Month-Long Jyeshtha During Adhimas Eight Bada Mangal Days Promising Tenfold Reward

अधिमास में 2 महीने का जेठ: आठ बड़ा मंगल, 10 गुना फल मिलेगा; शुद्ध ज्येष्ठ में ही होंगे मांगलिक कार्य

Sun, 19 Apr 2026 03:10 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 19 Apr 2026 03:10 PM IST
सार

Adhik Maas 2026: ज्येष्ठ मास में आठ बड़ा मंगल पड़ेगा। पहला पांच मई, दूसरा 12 मई, तीसरा 19 मई, चौथा 26 मई को पड़ेगा। जबकि 2 जून को पांचवा, नौ जून को छठवां, 16 जून को सातवां और 23 जून को आठवां बड़ा मंगल पड़ेगा।

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Two-Month-Long Jyeshtha During Adhimas Eight Bada Mangal Days Promising Tenfold Reward
अधिक मास। - फोटो : amar ujala

विस्तार

हिंदू नववर्ष इस बार अधिकमास का साल है। पूरे साल में ज्येष्ठ मास दो महीने का होगा, जो आठ साल बाद इस महीने में अधिकमास लग रहा है। इस तरह से ज्येष्ठ मास में बड़ा मंगल भी आठ पड़ेगा। पिछला अधिकमास सावन में पड़ा था। पूरा साल 13 महीने का होने से ज्यादातर त्योहारों में बदलाव दिखेगा। इस मास में पूजन अर्चन और दान पुण्य का 10 गुना फल मिलेगा।

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अधिकमास को पुरुषोत्तम और मलमास भी कहते हैं जो कि हर तीन साल में पड़ता है। हर तीन साल में एक बार एक अधिकमास आता है। हर साल ज्येष्ठ मास में बड़ा मंगल मनाने की परंपरा रही है। दो महीने का ज्येष्ठ मास होने से आठ बड़ा मंगल मिलेगा। हनुमान मंदिरों में पूजन अर्चन होगा। 
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संकटमोचन मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ होगी। मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और लखनऊ की परंपरा में बड़ा मंगल का विशेष महत्व है। लेकिन, अब इधर भी लोग मनाने लगे हैं। यही कारण है कि मंदिरों में अन्य मंगलवार की अपेक्षा इस दिन ज्यादा भीड़ होती है। शहर भर के हनुमान मंदिरों में लोग दर्शन पूजन के लिए पहुंचेंगे। साथ ही जगह-जगह भंडारा का आयोजन होगा।

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श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय के अनुसार हिंदू त्योहार चंद्रमा की स्थिति और उसकी गति पर आधारित होते हैं। अधिकमास ज्येष्ठ में शुद्ध ज्येष्ठ मास में मांगलिक कार्य होंगे। जबकि अधिकमास वाले में नहीं होंगे। बैशाख पूर्णिमा एक मई को है। दो मई से ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष की शुरुआत हो जाएगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष 17 मई से है, जो अधिकमास में आएगा और 15 जून तक रहेगा। इसके बाद शुद्ध ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष लग जाएगा, जो 29 जून ज्येष्ठ पूर्णिमा तक रहेगा।

11 साल बाद फिर ज्येष्ठ मास में अधिकमास
ज्योतिषीय गणना में पुरुषोत्तम मास चक्र चलते रहते हैं। हर तीन साल पर एक मास बढ़ जाता है, जो अधिकमास में आता है और वह साल 13 माह का होता है। अधिकमास जिस महीने से शुरू होता है, वह दो महीने का हो जाता है। अगले 11 साल यानी 2037 में दोबारा ज्येष्ठ मास में अधिक मास आएगा। जबकि पिछले करीब 40 वर्षों में 1988, 1999, 2007, 2017 ज्येष्ठ मास में अधिकमास पड़ चुके हैं। अगला अधिकमास 2029 में चैत्र मास, 2031 में भाद्र मास, 2034 में आषाढ़ मास में पड़ेगा।

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