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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Two-Day Music Festival Kicks Off in Loving Memory of Pt. Kishan Maharaj in Varanasi

संगीत समारोह: अहमदाबाद की हेतल ने तबले पर दिखाई पखावज की जोरदारी और लयकारी, कथक व गायन ने भी बांधा समा

Mon, 04 May 2026 06:08 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Mon, 04 May 2026 06:08 PM IST
सार

पं. किशन महाराज की पुण्य स्मृति में दो दिवसीय संगीत समारोह का आगाज हुआ। इस दौरान अहमदाबाद की हेतल ने तबले पर पखावज की जोरदारी और लयकारी दिखाई। वहीं कथक व गायन ने भी बांधा समा। 
 

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Two-Day Music Festival Kicks Off in Loving Memory of Pt. Kishan Maharaj in Varanasi
प्रस्तुति देते कलाकार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नाद ब्रह्म के उपासक महान तबला वादक पद्मविभूषण पं. किशन महाराज की पुण्य स्मृति में संगीत सभा काशी की ओर से रविवार को सनबीम स्कूल, लहरतारा में दो दिवसीय संगीत समारोह का शुभारंभ हुआ। कलाकारों ने सुर-साज के माध्यम से गुरु वंदना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। 

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पं. किशन महाराज के तैलचित्र पर उनके सुपुत्र पूरण महाराज, उस्ताद अकरम खां, पं. कामेश्वरनाथ मिश्रा, पं. कन्हैया लाल मिश्रा, वीरेंद्रनाथ मिश्रा, मीनाक्षी मिश्रा, माला श्रीवास्तव, पं. रविशंकर मिश्रा, पं. माताप्रसाद मिश्रा, श्रीदेव नारायण मिश्रा, अवंतिका महाराज, राजेश मिश्रा, अजय मिश्रा, पूर्णेंदु मिश्रा सहित अन्य कलाकारों ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
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प्रथम दिवस की संगीत संध्या नारी शक्ति को समर्पित रही। मंच पर पं. पूरण महाराज की शिष्या अहमदाबाद की हेतल मेहता ने एकल तबला वादन से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने पखावज के मुख्य ताल ‘धमार’ को तबले पर जोरदारी और लयकारी के साथ प्रस्तुत किया, जो काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। उनकी उंगलियों की सधी थिरकन ने जटिलता को सहज सौंदर्य में बदल दिया। धमार ताल में परण, उठान, बांट, तिहाई और विशेष बोलों की प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। समापन उन्होंने तीनताल की मध्य लय से किया। हारमोनियम पर मोहित साहनी ने सधी संगत की।
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इसके बाद बनारस घराने की डालिया मुखर्जी और युवा गायिका जयंतिका डे ने गायन प्रस्तुत कर समा बांध दिया। राग यमन में विलंबित एकताल की बंदिश ‘सुमिरन करो मन...’ से शुरुआत कर द्रुत बंदिश और भजन से कार्यक्रम को सरस बनाया। तबले पर पं. किशोर मिश्रा और हारमोनियम पर हर्षित उपाध्याय ने संगत की। 

मुंबई के प्रथमेश ने गिटार पर छेड़ा राग अहीर भैरव

‘सुबह-ए-बनारस’ कार्यक्रम के तहत रविवार को अस्सी घाट पर आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुति में मुंबई के युवा कलाकार प्रथमेश पारीक ने गिटार वादन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी सधी हुई उंगलियों और रागदारी की समझ ने श्रोताओं को सुरों की दुनिया में डुबो दिया। प्रथमेश ने राग अहीर भैरव में आलाप के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद विलंबित तीनताल में निबद्ध स्वर रचना प्रस्तुत कर शास्त्रीय संगीत की गंभीरता और गहराई का प्रभावी प्रदर्शन किया। समापन पर राग मांड में निबद्ध धुन प्रस्तुत किया।  

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