Varanasi: थानेदार का फर्जी दस्तखत बनाकर बैंक पहुंचे दो सिपाही, करतूत उजागर होने पर गिरी गाज
वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की साख पर बट्टा लगाने के मामले में होड़ सी लगी है। बीते दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी हुई है। रविवर को ही वाराणसी के शिवपुर थाने के दो सिपाहियों को निलंबित किया गया है।
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वाराणसी के शिवपुर थाने के दो सिपाही थानाध्यक्ष का फर्जी दस्तखत बनाकर फ्रीज बैंक अकाउंट चालू करवाने बैंक पहुंच गए। बैंक के शाखा प्रबंधक को शंका हुई तो उन्होंने थानाध्यक्ष से संपर्क किया। इससे सिपाहियों की करतूत सामने आ गई। मामला डीसीपी वरुणा जोन तक पहुंचा तो आरोपी सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया। विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए।
शिवपुर थाने में दर्ज एक मुकदमे की विवेचना के क्रम में बैंक खाता फ्रीज किया गया था। बैंक खाते से संबंधित व्यक्ति ने अदालत में शिवपुर थाने के पैरोकार सिपाही सत्येंद्र गौड़ और दीपक कुमार से संपर्क किया। आरोप है कि व्यक्ति ने फ्रीज बैंक खाता चालू कराने के एवज में 50 हजार रुपये देने का लालच दिया।
इन दो सिपाहियों को किया गया निलंबित
इसके बाद सिपाहियों ने शिवपुर थानाध्यक्ष वैद्यनाथ सिंह का फर्जी दस्तखत बनाया और फ्रीज बैंक खाते को चालू कराने के लिए शाखा प्रबंधक को पत्र लिखा। दोनों संबंधित बैंक भी गए और शाखा प्रबंधक से खाता चालू करने का अनुरोध किया। इसी बीच शाखा प्रबंधक ने शिवपुर थानाध्यक्ष ने मुलाकात की और आरोपी सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी। प्रकरण डीसीपी वरुणा जोन अमित कुमार के संज्ञान में आया तो उन्होंने सिपाही दीपक कुमार और सत्येंद्र गौड़ को निलंबित कर दिया है।
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पुलिस की साख पर बट्टा, 8 माह में कई बर्खास्त तो कई गए जेल
वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की साख पर बट्टा लगाने के मामले में होड़ सी लगी है। जनवरी से अब तक चार पुलिस कर्मी अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार करके जेल भेजे जा चुके हैं। कोई डकैती तो कोई पशु तस्करी के आरोप में नपा है।
- बरथौली के ग्राम प्रधान पति मंगरू राजभर की गैर इरादतन हत्या के मामले में बीते 24 अगस्त को चोलापुर थाने के दरोगा हरि किशन यादव को निलंबित किया गया था।
- गो तस्करों की पैरवी करने के आरोप में 19 अगस्त को कैंट थाने के सिपाही मनोज सरोज और अनिल कुमार को प्रशासनिक आधार पर लाइन हाजिर कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए।
- पांच अगस्त को चार सिपाहियों सहित पांच पुलिस कर्मियों को अलग-अलग आरोपों में बर्खास्त किया गया था।
- 11 जुलाई को सफाई कर्मी की निर्ममता से पिटाई करने के आरोप में कोतवाली थाने के दरोगा दिलेश कुमार को निलंबित किया गया।
- पांच जुलाई को चौकाघाट चौकी प्रभारी सूफियान खान से अभद्रता के आरोप में जैतपुरा थाने के हेड कांस्टेबल अनिल कुमार को निलंबित किया गया था।
- 17 जून को बेरहमी से एक युवक की पिटाई के आरोप में सिंधौरा थाने के दरोगा अरविंद यादव को निलंबित किया गया था।
- 15 जून को सारनाथ थाने के सिपाही त्रिलोकी भारद्वाज की देह व्यापार में संलिप्तता उजागर होने पर उसे निलंबित किया गया था।
- 10 जून को डकैती के आरोपियों से मिलीभगत के आरोप में भेलूपुर थाने के पूर्व थानाध्यक्ष रमाकांत दूबे सहित सात पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया गया था।
- 25 मई को सारनाथ व कैंट थाने के हेड कांस्टेबल विनय कुमार, दीपक सिंह और प्रशांत सिंह को रंगदारी मांगने सहित अन्य आरोपों में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
- 11 मई को जंसा थाने के दरोगा अभिषेक वर्मा को एक लाख रुपये घूस लेते हुए रंगेहाथ पकड़ कर जेल भेजा गया था।