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जीवित्पुत्रिका पूजन के दौरान ननद-भौजाई के बच्चे गंगा में डूबे, मौत
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 13 Sep 2017 11:47 PM IST
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- फोटो : file photo
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वाराणसी के भेलूपुर थाना अंतर्गत तुलसी घाट पर बुधवार की शाम जीवित्पुत्रिका पूजन के दौरान बजरडीहा से गई ननद-भौजाई के बच्चे विवेक (7) और आदित्य (10) गंगा में नहाने के दौरान डूब गए।
जल पुलिस के जवान दोनों बच्चों को लेकर आननफानन में बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवारीजनों के आग्रह पर पुलिस ने पोस्टमार्टम बगैर शव उन्हें सौंप दिया।
बलिया जिले के फेफना के मूल निवासी ऑटो चालक प्रेम नारायण गुप्ता भेलूपुर थाना के तेलियाना में किराये पर पत्नी गीता, बेटी नेहा व नीतू, बेटा विशाल, विवेक व विनय के साथ रहता है। बुधवार की शाम गीता अपनी ननद शोभा के साथ तुलसी घाट पर जीवित्पुत्रिका पूजन के लिए गई थी।
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शोभा अपने भाई के पड़ोस में पति संतोष के साथ किराये के मकान में रहती है। तुलसी घाट पर पूजन के दौरान गीता का बेटा विवेक और शोभा का बेटा आदित्य गंगा में नहाने लगे। गहरे पानी में जाने के कारण दोनों भाई डूब गए।
मौजूद लोगों ने शोर मचाया तो गोताखोर और जल पुलिसकर्मी दौड़े लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जब दोनों बच्चों के शव लेकर परिवारीजन तेलियाना पहुंचे तो मुहल्ले में मातम छा गया।
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जल पुलिस के जवान दोनों बच्चों को लेकर आननफानन में बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवारीजनों के आग्रह पर पुलिस ने पोस्टमार्टम बगैर शव उन्हें सौंप दिया।
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बलिया जिले के फेफना के मूल निवासी ऑटो चालक प्रेम नारायण गुप्ता भेलूपुर थाना के तेलियाना में किराये पर पत्नी गीता, बेटी नेहा व नीतू, बेटा विशाल, विवेक व विनय के साथ रहता है। बुधवार की शाम गीता अपनी ननद शोभा के साथ तुलसी घाट पर जीवित्पुत्रिका पूजन के लिए गई थी।
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शोभा अपने भाई के पड़ोस में पति संतोष के साथ किराये के मकान में रहती है। तुलसी घाट पर पूजन के दौरान गीता का बेटा विवेक और शोभा का बेटा आदित्य गंगा में नहाने लगे। गहरे पानी में जाने के कारण दोनों भाई डूब गए।
मौजूद लोगों ने शोर मचाया तो गोताखोर और जल पुलिसकर्मी दौड़े लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जब दोनों बच्चों के शव लेकर परिवारीजन तेलियाना पहुंचे तो मुहल्ले में मातम छा गया।
हे जिउतिया माई, ई का कइलू हो...
जीवित्पुत्रिका पूजन के दौरान मासूम शोभा और आदित्य की असामयिक मौत तुलसी घाट पर मौजूद महिलाओं सहित अन्य लोगों को भी खल गई। महिलाओं का कहना था कि हे जिउतिया माई, ई का कइलू तू...। गीता और शोभा को ढांढस बंधाने में जुटी महिलाओं की हिम्मत खुद भी जवाब दे जा रही थी।
कोई ईश्वर को तो कोई समय को कोस रहा था लेकिन दोनों मासूमों की मौत किसी के गले के नीचे नहीं उतर रही थी। ट्रॉमा सेंटर साथ गए पुलिसकर्मी भी खासे दुखी नजर आए। सभी का कहना था कि हंसता-खेलता परिवार महज दो मिनट में बिखर गया। यह जख्म जिंदगी भर नहीं भूलेगा।
कोई ईश्वर को तो कोई समय को कोस रहा था लेकिन दोनों मासूमों की मौत किसी के गले के नीचे नहीं उतर रही थी। ट्रॉमा सेंटर साथ गए पुलिसकर्मी भी खासे दुखी नजर आए। सभी का कहना था कि हंसता-खेलता परिवार महज दो मिनट में बिखर गया। यह जख्म जिंदगी भर नहीं भूलेगा।