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Varanasi News: बाबा के दरबार में पहुंचे ढाई लाख श्रद्धालु, मंदिर चौक पर रेला
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- बाबा दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़, लगाई गई बैरिकेडिंग
- तीन जनवरी तक नहीं होंगे स्पर्श दर्शन, वीआईपी प्रोटोकॉल भी बंद
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। नए साल के पहले ही श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। बृहस्पतिवार को ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। दिसंबर में अब तक श्रद्धालुओं की यह सबसे अधिक संख्या रही। भीड़ का दबाव देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सावन का प्रोटोकॉल लागू कर दिया है। स्पर्श दर्शन के साथ ही वीआईपी प्रोटोकॉल भी बंद कर दिया गया है। नए साल पर श्रद्धालुओं की भीड़ सात लाख से पहुंचने का अनुमान है।
बृहस्पतिवार को मंगला आरती के पहले से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बाबा दरबार में दर्शन के लिए कतारबद्ध हो गई थी। पौष मास के कृष्णपक्ष की एकादशी तिथि होने के कारण श्रद्धालुओं ने पहले गंगा स्नान किया और उसके बाद बाबा दरबार की ओर बढ़ने लगे। मंगला आरती के बाद जैसे ही मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खुले तो हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ धाम में बढ़ने लगी।
पिछले पांच दिनों से धाम में हो रही भीड़ को देखते हुए मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए बैरिकेडिंग करवाई गई है। सावन के प्रोटोकॉल के तहत ही श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा था। दिन चढ़ने के साथ ही भीड़ का दबाव भी बढ़ रहा था। दोपहर में भोग आरती के समय तो श्रद्धालुओं की कतार गोदौलिया के आगे तक पहुंच चुकी थी। शयन आरती तक मंदिर में ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया था।
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21 दिसंबर को धाम में 1.80 लाख, 22 दिसंबर को दो लाख से अधिक, 23 दिसंबर को डेढ़ लाख, 24 दिसंबर को 1.75 लाख और 25 दिसंबर को 1.90 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया था। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि मंदिर में सावन का प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया है। श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने के लिए बैरिकेडिंग कराई गई है। सावन का प्रोटोकाॅल नए साल पर प्रभावी रहेगा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यथासंभव स्पर्श दर्शन पर प्रतिबंध रहेगा।
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- तीन जनवरी तक नहीं होंगे स्पर्श दर्शन, वीआईपी प्रोटोकॉल भी बंद
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। नए साल के पहले ही श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। बृहस्पतिवार को ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। दिसंबर में अब तक श्रद्धालुओं की यह सबसे अधिक संख्या रही। भीड़ का दबाव देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सावन का प्रोटोकॉल लागू कर दिया है। स्पर्श दर्शन के साथ ही वीआईपी प्रोटोकॉल भी बंद कर दिया गया है। नए साल पर श्रद्धालुओं की भीड़ सात लाख से पहुंचने का अनुमान है।
बृहस्पतिवार को मंगला आरती के पहले से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बाबा दरबार में दर्शन के लिए कतारबद्ध हो गई थी। पौष मास के कृष्णपक्ष की एकादशी तिथि होने के कारण श्रद्धालुओं ने पहले गंगा स्नान किया और उसके बाद बाबा दरबार की ओर बढ़ने लगे। मंगला आरती के बाद जैसे ही मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खुले तो हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ धाम में बढ़ने लगी।
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पिछले पांच दिनों से धाम में हो रही भीड़ को देखते हुए मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए बैरिकेडिंग करवाई गई है। सावन के प्रोटोकॉल के तहत ही श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा था। दिन चढ़ने के साथ ही भीड़ का दबाव भी बढ़ रहा था। दोपहर में भोग आरती के समय तो श्रद्धालुओं की कतार गोदौलिया के आगे तक पहुंच चुकी थी। शयन आरती तक मंदिर में ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया था।
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21 दिसंबर को धाम में 1.80 लाख, 22 दिसंबर को दो लाख से अधिक, 23 दिसंबर को डेढ़ लाख, 24 दिसंबर को 1.75 लाख और 25 दिसंबर को 1.90 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया था। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि मंदिर में सावन का प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया है। श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने के लिए बैरिकेडिंग कराई गई है। सावन का प्रोटोकाॅल नए साल पर प्रभावी रहेगा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यथासंभव स्पर्श दर्शन पर प्रतिबंध रहेगा।