{"_id":"64d6819eddec616a31074714","slug":"two-accused-of-triple-murder-acquitted-varanasi-news-c-20-vns1013-324629-2023-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: तिहरे हत्याकांड के दो आरोपी बरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: तिहरे हत्याकांड के दो आरोपी बरी
विज्ञापन
भेलूपुर थाना के महमूरगंज इलाके के एक मकान में मां और दो बेटों की निर्मम हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए जैतपुरा थाना क्षेत्र निवासी विकास सिंह चौहान और अब्दुल मतीन को सबूत के अभाव में विशेष न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) राकेश पांडेय की कोर्ट ने बरी कर दिया। बचाव पक्ष की दलील अधिवक्ता संजय कुमार राय और विश्राम यादव ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत की।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, लक्सा थाना क्षेत्र निवासी नंदलाल सेठ ने 11 दिसंबर 2005 को भेलूपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। नंदलाल के अनुसार उनका एक मकान महमूरगंज में है। उसमें किरायेदार रहते हैं। सुबह रानीपुर के रहने वाले रतन लाल के लड़के ने आकर सूचना दी कि मकान में हादसा हो गया है। वह वहां गए तो उनके मकान के बाहर काफी भीड़ लगी थी। अंदर जाकर देखे तो किरायेदार राधा खन्ना और उनके दो लड़कों की हत्या की गई थी। विवेचना के दौरान दोनों आरोपियों का नाम प्रकाश में आया। मगर, अदालत के समक्ष अभियोजन तिहरे हत्याकांड में अभियुक्तों की संलिप्तता और साजिश साबित करने में पूरी तरह विफल रहा। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों, गवाहों के बयान और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को बरी करने करने का आदेश दिया। गौरतलब है कि इस मामले में आरोपी बनाए गए अजय उर्फ बच्चा श्रीवास्तव और विजय कुमार उर्फ बबलू श्रीवास्तव को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। वहीं, आरोपी विकास और अब्दुल मतीन को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार, लक्सा थाना क्षेत्र निवासी नंदलाल सेठ ने 11 दिसंबर 2005 को भेलूपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। नंदलाल के अनुसार उनका एक मकान महमूरगंज में है। उसमें किरायेदार रहते हैं। सुबह रानीपुर के रहने वाले रतन लाल के लड़के ने आकर सूचना दी कि मकान में हादसा हो गया है। वह वहां गए तो उनके मकान के बाहर काफी भीड़ लगी थी। अंदर जाकर देखे तो किरायेदार राधा खन्ना और उनके दो लड़कों की हत्या की गई थी। विवेचना के दौरान दोनों आरोपियों का नाम प्रकाश में आया। मगर, अदालत के समक्ष अभियोजन तिहरे हत्याकांड में अभियुक्तों की संलिप्तता और साजिश साबित करने में पूरी तरह विफल रहा। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों, गवाहों के बयान और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को बरी करने करने का आदेश दिया। गौरतलब है कि इस मामले में आरोपी बनाए गए अजय उर्फ बच्चा श्रीवास्तव और विजय कुमार उर्फ बबलू श्रीवास्तव को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। वहीं, आरोपी विकास और अब्दुल मतीन को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन