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यूपी: करोड़ों रुपये के जीएसटी धोखाधड़ी में दो आरोपी गिरफ्तार, जेल में बंद साथियों से मिलने पहुंचे थे वाराणसी

Sat, 10 Oct 2026 09:07 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Sat, 10 Oct 2026 09:07 PM IST
सार

करोड़ों रुपये के जीएसटी धोखाधड़ी मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जेल में बंद आरोपियों से मुलाकात और मदद के लिए लुधियाना से दोनों आरोपी वाराणसी पहुंचे थे। 

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Two accused arrested in Ludhiana in multi-crore rupee GST fraud case in Varanasi
जीएसटी धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करोड़ों रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के दो आरोपियों रविप्रकाश पाल और विकास गुप्ता को सारनाथ पुलिस ने रविवार की देर रात पुराना आरटीओ तिराहे से गिरफ्तार किया। जेल में बंद आरोपियों से मुलाकात और उनकी मदद के लिए लुधियाना से वाराणसी पहुंचे थे। आरोपियों के पास से बरामद मोबाइलों के व्हाट्सएप चैट की जांच में फर्जी फर्मों का डेटा मिला है। फर्जी इनवाइस और बोगस बिलिंग, ओटीपी, बैंक अकाउंट के लेन-देन और पहचान पत्रों के साक्ष्य भी मिले हैं।

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क्या है पूरा मामला 
डीसीपी वरुणा जोन राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में पंजाब लुधियाना के डाबा थाना क्षेत्र के पीपल चौक निवासी रविप्रकाश पाल और डाबा थाना क्षेत्र के गैसपुरा लोहरा रोड निवासी विकास गुप्ता है। सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी को सूचना मिली कि जीएसटी ठगी गिरोह के दो सदस्य वाराणसी में है। इस आधार पर टीम ने घेराबंदी की और पुराने आरटीओ तिराहे मवइया से आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि जीएसटी विभाग के उपायुक्त अरुणेंद्र प्रसाद ने 8 अप्रैल को सारनाथ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर, नकली दस्तावेज लगाकर और दूसरों की पहचान का दुरुपयोग कर अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का आरोप था। 

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विवेचना के दौरान 26 सितंबर को प्रवीन पाल और उमाशंकर दास को पहले ही कोर्ट ने जेल भेज दिया है। रविप्रकाश और विकास गुप्ता को सर्विलांस लोकेशन के आधार पर गिरफ्तार किया किया। दोनों के मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इन मोबाइलों के व्हाट्सएप चैट की जांच की गई। 

पुलिस को फर्जी फर्मों का डेटा मिला है। फर्जी इनवाइस और बोगस बिलिंग के साक्ष्य भी बरामद हुए हैं। ओटीपी, बैंक अकाउंट के लेन-देन और पहचान पत्रों के साक्ष्य भी मिले हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी इनपुट जुटाए जा रहे हैं।

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