फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

रामनगर की रामलीला: नाक कटी तो लिखा गया लंका के संहार का विधान, छल से हुआ सीताहरण; लाट भैरव में भावुक भरत मिलाप

Sun, 11 Oct 2026 12:45 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Sun, 11 Oct 2026 12:45 AM IST
सार

रामनगर की रामलीला में शूर्पणखा नासिका छेदन व सीताहरण और लाट भैरव में भावुक भरत मिलाप का मंचन हुआ। इस दौरान दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। रामनगर की लीला की शुरुआत पंचवटी प्रसंग से हुई।

विज्ञापन
Ramnagar Ramlila severing of nose paved way for destruction of Lanka an emotional Bharat Milap at Lat Bhairav
रामलीला - फोटो : अमर उजाला

रामनगर की रामलीला के 16वें दिन शूर्पणखा नासिका छेदन, खर-दूषण वध, सीताहरण और रावण-जटायु युद्ध की लीला संपन्न हुई। वहीं, श्री आदि रामलीला लाट भैरव में चित्रकूट की पावन पृष्ठभूमि पर भरत मनावन और भाइयों के मिलन ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

Trending Videos
Ramnagar Ramlila severing of nose paved way for destruction of Lanka an emotional Bharat Milap at Lat Bhairav
रामलीला - फोटो : अमर उजाला
रामनगर की लीला की शुरुआत पंचवटी प्रसंग से हुई। वन में श्रीराम और लक्ष्मण के रूप पर मोहित होकर शूर्पणखा ने सुंदर स्त्री का वेश धरकर विवाह का प्रस्ताव रखा। दोनों भाइयों द्वारा ठुकराए जाने पर क्रोधित होकर वह अपने असली राक्षसी रूप में आ गई और माता सीता की ओर झपटी। इस पर श्रीराम के संकेत पर लक्ष्मण ने उसकी नाक और कान काट दिए। अपमानित शूर्पणखा की गुहार पर बदला लेने पहुंचे खर-दूषण और उनकी सेना का प्रभु श्रीराम ने संहार कर दिया।
Ramnagar Ramlila severing of nose paved way for destruction of Lanka an emotional Bharat Milap at Lat Bhairav
रामलीला - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद शूर्पणखा ने लंका जाकर रावण को अपनी व्यथा सुनाई। रावण ने मामा मारीच के साथ मिलकर कपटपूर्ण योजना बनाई। मारीच स्वर्ण मृग बनकर पंचवटी पहुंचा। माता सीता के आग्रह पर श्रीराम मृग के पीछे गए। उनके बाण से आहत मारीच ने लक्ष्मण के स्वर में पुकार लगाई। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Ramnagar Ramlila severing of nose paved way for destruction of Lanka an emotional Bharat Milap at Lat Bhairav
रामलीला - फोटो : अमर उजाला
सीता जी के कहने पर लक्ष्मण भी वन की ओर चले गए। इसी अवसर का लाभ उठाकर साधु के वेश में आए रावण ने छलपूर्वक माता सीता का हरण कर लिया। मार्ग में गिद्धराज जटायु ने सीता जी की रक्षा के लिए रावण से भीषण युद्ध किया, किंतु रावण ने खड्ग से उनके पंख काट दिए।
 
विज्ञापन
Ramnagar Ramlila severing of nose paved way for destruction of Lanka an emotional Bharat Milap at Lat Bhairav
रामलीला - फोटो : अमर उजाला
उधर, चिरईगांव के टूड़ी नगर, जाल्हूपुर में भी सीताहरण और जटायु प्रसंग का प्रभावी मंचन हुआ। काशी के लाट भैरव वरुणा संगम की रामलीला में भक्ति और प्रेम का अनूठा दृश्य देखने को मिला। भरत जी श्रीराम को मनाने चित्रकूट पहुंचे। ‘भरत राम की मिलनी लखि, बिसरे सबही अपान’ चौपाई के गायन के बीच जैसे ही श्रीराम अपने अनुज भरत से गले मिले, पूरा परिसर भावुक हो उठा। आरती और प्रभु के जयकारों के साथ सभी स्थानों पर शनिवार की लीला को विराम दिया गया। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed