{"_id":"683178eb3af43108b60eaac7","slug":"twenty-thousand-people-visited-ganga-darpan-in-six-years-3d-models-of-dolphins-crocodiles-turtles-otters-2025-05-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"News: छह साल में 20 हजार लोगों ने किया गंगा दर्पण का दौरा, डॉल्फिन, मगरमच्छ, कछुए और ऊदबिलाव के थ्रीडी मॉडल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
News: छह साल में 20 हजार लोगों ने किया गंगा दर्पण का दौरा, डॉल्फिन, मगरमच्छ, कछुए और ऊदबिलाव के थ्रीडी मॉडल
Sat, 24 May 2025 01:16 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Sat, 24 May 2025 01:16 PM IST
सार
गंगा दर्पण में थ्री-डी के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। डॉल्फिन, मगरमच्छ, कछुए और ऊदबिलाव जैसे जानवरों की जानकारियां दी जाएंगी।
विज्ञापन
गंगा नदी में डॉल्फिन।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गंगा की स्वच्छता के लिए आम जनता को गंगा के पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसे ध्यान में रखकर सारनाथ मेंगंगा दर्पण इंटरप्रिटेशन सेंटर की स्थापना की गई। अब तक 20 हजार से अधिक लोगों ने गंगा दर्पण केंद्र का दौरा किया है।
विज्ञापन
नमामि गंगे परियोजना के तहत 2019 में गंगा की यात्रा और पारिस्थितिकी तंत्र को जन-जन तक पहुंचाने के लिए गंगा दर्पण इंटरप्रिटेशन सेंटर की स्थापना की गई है। इससे गंगा को अविरल और निर्मल बनाए रखने में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही वर्कशॉप, शैक्षणिक सत्र कार्यक्रम नदी संरक्षण और नागरिक जिम्मेदारियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
विज्ञापन
गंगा दर्पण में गंगा की पारिस्थितिकी को संतुलित बनाए रखने वाले जलीय जंतु, बैक्टीरिया और गंगा के थ्रीडी मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। इसमें गंगा के वन्यजीवों, डॉल्फिन, मगरमच्छ, कछुए, स्कीमर, सारस और ऊदबिलाव मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित किए गए हैं। इसमें 62 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों की तस्वीर लगाई गई है।
विज्ञापन
थ्रीडी गंगा बेसिन मानचित्र बता रहे संरक्षित क्षेत्र
गंगा दर्पण में थ्री-डी के माध्यम से गंगा की संपूर्ण यात्रा में प्रमुख तीर्थ स्थलों, नदी, शहरों और गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान और हस्तिनापुर वन्यजीव अभयारण्य जैसे संरक्षित क्षेत्रों को दिखाया गया है। मौर्य से लेकर मुगलों तक के साम्राज्यों में गंगा के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को आइन-ए-अकबरी और बाबरनामा के संदर्भों के साथ प्रदर्शित करने वाला एक पैनल लगा है।