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गंदगी दूर कर दें, देश की गरीबी मिट जाएगी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 28 Aug 2016 01:49 AM IST
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वाराणसी में किरन बेदी
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अपने कड़क तेवर के चलते सुर्खियों में रहने वाली देश की पहली महिला आईपीएस पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी शनिवार को काशी में थीं। उन्होंने अलग-अलग एनजीओ से जुड़े युवाओं को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया और कहा कि देश की गरीबी दूर करनी है तो पहले देश को साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाना होगा। स्वच्छता अभियान की शुरुआत अपने घर और मोहल्ले से करनी होगी। बेदी ने कहा कि सफाई के लिए सरकार के भरोसे रहना ठीक नहीं।
यदि लोग स्वयं प्रेरित होंगे तो किसी की मदद की जरूरत ही नहीं होगी। नेवादा स्थित एक लॉन में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय श्रमदान कान्फ्रेंस में शिरकत करने के बाद मीडिया से बातचीत में किरण बेदी ने कहा कि गंदगी इस देश के लिए नासूर है। गंदगी से महामारी फैलती है और गरीब तबका ही महामारी का शिकार होता है। इलाज के अभाव में हर साल हजारों गरीब दम तोड़ दे रहे हैं। यदि लोग खुद-ब-खुद सफाई के प्रति जागरूक हो जाएं तो इस संकट से बिना किसी सरकारी मदद के आसानी से पार पाया जा सकता है।
काशी में सड़कों और घाटों पर व्याप्त गंदगी से जुड़े सवाल पर बेदी ने कहा कि काशी के जिस ऐतिहासिक गंगा घाट को लोग दुनिया भर से देखने आते हैं वहां लोग खुले में शौच कर रहे हैं। यह कहां की संस्कृति है। इस पर तत्काल रोक जरूरी है। पूर्व आईपीएस बेदी नगालैंड कर टेमसुतुला इमसांग से बेहद प्रभावित दिखीं। कहा कि टेमसुतुला नगालैंड से आकर काशी में घाटों की सफाई के लिए उम्दा काम कर रही हैं। मैं उनके काम से बेहद प्रभावित हूं और मैं उन्हेें पुडुचेरी बुलाकर स्वच्छता अभियान से जोडूंगी। उनकी टीम की मदद से पुडुचेरी में सफाई श्रमदान आयोजित करूं गी।
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यदि लोग स्वयं प्रेरित होंगे तो किसी की मदद की जरूरत ही नहीं होगी। नेवादा स्थित एक लॉन में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय श्रमदान कान्फ्रेंस में शिरकत करने के बाद मीडिया से बातचीत में किरण बेदी ने कहा कि गंदगी इस देश के लिए नासूर है। गंदगी से महामारी फैलती है और गरीब तबका ही महामारी का शिकार होता है। इलाज के अभाव में हर साल हजारों गरीब दम तोड़ दे रहे हैं। यदि लोग खुद-ब-खुद सफाई के प्रति जागरूक हो जाएं तो इस संकट से बिना किसी सरकारी मदद के आसानी से पार पाया जा सकता है।
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काशी में सड़कों और घाटों पर व्याप्त गंदगी से जुड़े सवाल पर बेदी ने कहा कि काशी के जिस ऐतिहासिक गंगा घाट को लोग दुनिया भर से देखने आते हैं वहां लोग खुले में शौच कर रहे हैं। यह कहां की संस्कृति है। इस पर तत्काल रोक जरूरी है। पूर्व आईपीएस बेदी नगालैंड कर टेमसुतुला इमसांग से बेहद प्रभावित दिखीं। कहा कि टेमसुतुला नगालैंड से आकर काशी में घाटों की सफाई के लिए उम्दा काम कर रही हैं। मैं उनके काम से बेहद प्रभावित हूं और मैं उन्हेें पुडुचेरी बुलाकर स्वच्छता अभियान से जोडूंगी। उनकी टीम की मदद से पुडुचेरी में सफाई श्रमदान आयोजित करूं गी।
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