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पीएम के संसदीय क्षेत्र में तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को पेंशन देने की हुई शुरुआत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 24 Jan 2018 01:27 PM IST
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संतो को टीका लगा कर स्वागत करती मुस्लिम महिला
- फोटो : अमर उजाला
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तीन तलाक से पीडि़त महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए केंद्र सरकार की मुहिम को पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की एक संस्था का भी साथ मिल गया है। इस संस्था ने देश में पहली बार तीन तलाक से पीडि़त महिलाओं को पेंशन देने की शुरुआत की है।
इस योजना का शुभारंभ आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने किया। सुभाष चंद्र बोस जयंती पर सामाजिक संस्था विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने तलाक पीडि़त महिलाओं को पांच सौ रुपये महीने की पेंशन योजना की शुरुआत मंगलवार से की।
आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक ने तीन तलाक पीडि़त महिलाओं को पांच सौ रुपये की पेंशन और पासबुक दिया। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययन पीठ में आयोजित कार्यक्रम में राजेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव स्मृति पेंशन योजना और इंद्रेश कुमार तीन तलाक पीडि़त मुस्लिम महिला पेंशन योजना का शुभारंभ हुआ और उन्हें पहली किश्त दी गई।
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इंद्रेश कुमार ने कहा कि यह एक सकारात्मक प्रयास है और इसमें समाज को जुड़ने की जरूरत है ताकि हम ज्यादा संख्या में तीन तलाक़ पीडि़तों को पेंशन के रूप में सहायता दे सकें। इस अवसर पर सन्यासी अजयानंद गिरी की लिखी पुस्तक ‘बस कल की ही बात है’ रहस्यमय जीवन तथा सिद्ध गणेश अष्टांग का विमोचन किया गया।
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इस योजना का शुभारंभ आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने किया। सुभाष चंद्र बोस जयंती पर सामाजिक संस्था विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने तलाक पीडि़त महिलाओं को पांच सौ रुपये महीने की पेंशन योजना की शुरुआत मंगलवार से की।
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आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक ने तीन तलाक पीडि़त महिलाओं को पांच सौ रुपये की पेंशन और पासबुक दिया। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययन पीठ में आयोजित कार्यक्रम में राजेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव स्मृति पेंशन योजना और इंद्रेश कुमार तीन तलाक पीडि़त मुस्लिम महिला पेंशन योजना का शुभारंभ हुआ और उन्हें पहली किश्त दी गई।
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इंद्रेश कुमार ने कहा कि यह एक सकारात्मक प्रयास है और इसमें समाज को जुड़ने की जरूरत है ताकि हम ज्यादा संख्या में तीन तलाक़ पीडि़तों को पेंशन के रूप में सहायता दे सकें। इस अवसर पर सन्यासी अजयानंद गिरी की लिखी पुस्तक ‘बस कल की ही बात है’ रहस्यमय जीवन तथा सिद्ध गणेश अष्टांग का विमोचन किया गया।
शांति की बात आते ही भारत की ओर देखती है दुनिया
सुभाष चन्द्र बोस जयंती पर दीप जलाकर उद्वघाटन करते इन्द्रेश कुमार व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान विशिष्ट कार्य करने वाले लोगों का सम्मान व आदिवासियों को कंबल, बर्तन आदि दिया गया। राष्ट्रीय संगोष्ठी में नेताजी की प्रपौत्री कोलकाता से राजश्री चौधरी ने कहा कि नेताजी जी कभी ऐसा भारत नही चाहते थे कि जहां धर्म के नाम पर हिंसा, धर्म के नाम पर आतंकवाद फैलाया जाए।
विशाल भारत संस्थान के संस्थापक डॉ. राजीव श्रीवास्तव, इतिहासकार डॉ. ओपी केजरीवाल ने भी अपने विचार रखे। मुख्य वक्ता इंद्रेश कुमार ने कहा कि शांति सद्भाव की बात आते ही दुनिया भारत की ओर देखती है। नेता जी ने एक हिंद जय हिंद का नारा दिया।
उन्होंने सबको समान नजर से देखा। कहा कि तीन तलाक जैसी कुरीति केवल धर्म के नाम पर ही चल रही है।तीन तलाक़ की पीडि़ताओं की मदद के लिए लोग आगे आ रहे हैं। उन्होंने हाथ उठाकर प्रस्ताव पास कराया कि अब धर्म के नाम पर हिंसा नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि जहां तक पाकिस्तान की बात है तो आठ हिस्सों में टूट जाएगा। इस दौरान पेंशन पाकर महिलाएं भी काफी खुश थी। महिलाओं का कहना था कि इनकी मदद के लिए हम सिर्फ सरकार के भरोसे नहीं रह सकते समाज को भी इसके लिए आगे आना होगा। इस दौरान तीन तलाक पीडि़त महिलाओं का कहना था कि पांच सौ रुपये माहवार का सहयोग हमारे लिए एक बड़ा तो नहीं लेकिन राहत जरूर है।
विशाल भारत संस्थान के संस्थापक डॉ. राजीव श्रीवास्तव, इतिहासकार डॉ. ओपी केजरीवाल ने भी अपने विचार रखे। मुख्य वक्ता इंद्रेश कुमार ने कहा कि शांति सद्भाव की बात आते ही दुनिया भारत की ओर देखती है। नेता जी ने एक हिंद जय हिंद का नारा दिया।
उन्होंने सबको समान नजर से देखा। कहा कि तीन तलाक जैसी कुरीति केवल धर्म के नाम पर ही चल रही है।तीन तलाक़ की पीडि़ताओं की मदद के लिए लोग आगे आ रहे हैं। उन्होंने हाथ उठाकर प्रस्ताव पास कराया कि अब धर्म के नाम पर हिंसा नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि जहां तक पाकिस्तान की बात है तो आठ हिस्सों में टूट जाएगा। इस दौरान पेंशन पाकर महिलाएं भी काफी खुश थी। महिलाओं का कहना था कि इनकी मदद के लिए हम सिर्फ सरकार के भरोसे नहीं रह सकते समाज को भी इसके लिए आगे आना होगा। इस दौरान तीन तलाक पीडि़त महिलाओं का कहना था कि पांच सौ रुपये माहवार का सहयोग हमारे लिए एक बड़ा तो नहीं लेकिन राहत जरूर है।