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तीन तलाक और मांस विवाद पर जानें क्या बोले पूर्वांचल के शिया-सुन्नी मुसलमान

Sat, 08 Apr 2017 02:10 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी /जौनपुर
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी /जौनपुर Updated Sat, 08 Apr 2017 02:10 PM IST
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Triple Talaq know what Shia-Sunni Muslims of the Purvanchal say
triple talaq

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन तलाक और अवैध बूचड़खानों के मांस को हराम करार देने को कुछ आलिम सही ठहरा रहे हैं तो कुछ का मानना है कि आखिर अवैध बूचड़खानों के मांस खाने का सवाल आज ही क्यों उठाया जा रहा है।

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मुफ्ती-ए-शहर मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी का कहना है कि तीन तलाक को जो लोग हराम ठहरा रहे हैं, असल में उनका हकीकत से ताल्लुक नहीं है। जमीअत-उल-उलेमा जिला बनारस के अब्दुल्ला फैसल कहते हैं कि तीन तलाक की जो मुखालफत कर रहे हैं, उन्होंने कुरान और हदीस नहीं पढ़ी है। कहा, अवैध बूचड़खाने तो पहले से चल रहे हैं। मुद्दा आज क्यों बन रहा है।

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सैयद फरमान हैदर का कहना है कि जब संविधान ने हमारे खाने पीने पर रोक नहीं लगाई तो कोई और कैसे कर सकता है? रही बात तीन तलाक की तो इस पर तो कोई गुफ्तगू ही नहीं होनी चाहिए।

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वहीं मौलाना हसीन का कहना है कि क्या खाएं क्या न खाएं, जब संविधान पर इस पर कोई पाबंदी नहीं लगाई तो हमें या आप को इस पर बोलने का कोई हक नहीं। अवैध बूचड़खाने का गोश्त नहीं, बल्कि चोरी, डाका और किसी को धोखा देकर जो रोटी खाए जाए वो हराम है।

वहीं शिया पर्सनल ला बोर्ड द्वारा तीन तलाक को हराम करार देने और गो हत्या पर पूरी तरह पाबंदी की मांग और अवैध बूचड़खाने बंद कराने के फैसले को जायज बताने को शिया मुसलमानों ने एकदम सही बताया है। अयोध्या में राम मंदिर के सवाल पर उनका कहना है कि उच्चतम न्यायालय जो भी फैसला दे उसका सभी को सम्मान करना चाहिए।

अवैध बूचड़खानों को बंद कराने का फैसला सही

Triple Talaq know what Shia-Sunni Muslims of the Purvanchal say
ट्रिपल तलाक - फोटो : social media

डॉ. अख्तर हसन रिजवी शिया डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सादिक रिजवी का कहना है कि तीन तलाक पूरी तरह नाजायज है। कोई भी सभ्य समाज इसकी हिमायत नहीं कर सकता। किसी की बहन-बेटी के साथ शरीयत के हिसाब से निकाह करने के बाद किसी मामूली विवाद पर तीन बार तलाक कह कर उसे छोड़ देना न्यायसंगत नहीं है।

अवैध बूचड़खानों को बंद कराने के सरकार के कदम को भी उन्होेंने सही बताया। अयोध्या विवाद पर कहा कि यह हिंदू-मुसलमान दोनों की श्रद्धा से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट इस बारे में जो भी निर्णय दे उसका दोनों पक्षों को सम्मान करना चाहिए।


शिया धर्म गुरु मौलाना सफदर हुसैन कहते हैं कि एक बार में तीन तलाक जायज नहीं है। शरीयत भी इसकी इजाजत नहीं देता। गाय से हिंदुओं की आस्था जुड़ी है। इसलिए गो-हत्या नहीं की जानी चाहिए। जो बूचड़खाने अवैध हों उनके खिलाफ कार्रवाई करने का काम सरकार का है।


शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कमर अब्बास कहते हैं कि तीन तलाक का मुद्दा उलेमा और आलिम का है। इस पर आम आदमी को किसी तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। गो-हत्या हराम है। अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई को समर्थन किया।

कहा कि वैध स्लाटर हाउस होंगे तो पूरी छानबीन के बाद ही जानवर कटेंगे। बीमार जानवर नहीं कटने पाएंगे। चिकित्सक होने के नाते भी मैं इसे सही मानता हूं लेकिन इसकी आड़ में किसी का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। अयोध्या विवाद के बारे में कहा कि मंदिर-मसजिद की देश में कमी नहीं है।

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