Varanasi: वरुणा की सहायक नदियों के बहुरेंगे दिन, असि से हटेगा अतिक्रमण, जल्द होगा सीमांकन
शिव की नगरी काशी की पहचान वरुणा और असि नदियों के पुनरुद्धार की आस फिर से जगी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी) के आदेश के बाद पर्यवेक्षण समिति ने बैठक करके कार्ययोजना तैयार कर ली है।
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शिव की नगरी काशी की पहचान वरुणा और असि नदियों के पुनरुद्धार की आस फिर से जगी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी) के आदेश के बाद पर्यवेक्षण समिति ने बैठक करके कार्ययोजना तैयार कर ली है। एक तरफ जहां वरुणा की सहायक नदियों को भी पुनर्जीवित किया जाएगा, वहीं दूसरी तरफ मंडलायुक्त ने असि व वरुणा के फ्लड जोन में अतिक्रमण को चिन्हित करने का आदेश भी दिया है।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल के निर्देश पर शनिवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने वरुणा और असि के वादी व उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सौरभ तिवारी को 129 पन्नों की प्रगति रिपोर्ट सौंपी। अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार असि नदी का सीमांकन जल्द होगा और असि की तलहटी से अतिक्रमण को एनजीटी के आदेशानुसार हटाया जाएगा। इसके लिए मंडलायुक्त ने संबंधित विभाग को आदेश दिया जा चुका है।
अधिवक्ता ने बताया कि जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा की ओर से नामित अपर जिलाधिकारी गुलाबचंद की अध्यक्षता में क्रियान्वयन समिति की अब तक चार बैठकें हो चुकी हैं। 11 फरवरी को हुई बैठक में एनजीटी की ओर से असि व वरुणा के जीर्णोद्धार के लिए बनाई गई कार्ययोजना की प्रगति शून्य है।
इस मामले में सिंचाई विभाग की लापरवाही सामने आई और मंडलायुक्त ने अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी। बैठक में वरुणा की सहायक नदियों बसुही व मोरवा के जीर्णोद्धार के लिए प्रयागराज और भदोही के अधिकारियों से पत्राचार करके एनजीटी के आदेशों का पालन कराने का निर्देश दिया गया था। वरुणा के उद्गम स्थल प्रयागराज के फूलपुर में स्थित मैलहन ताल की नदी तल की खोदाई के लिए डीएम प्रयागराज ने 19 मई को बैठक बुलाई थी। मोरवा नदी की सफाई के लिए भदोही जिलाधिकारी ने 18 मई को बैठक बुलाई थी।
कंदवा से गंगा असि संगम तक नदी तल व गाद की होगी सफाई
मंडलायुक्त की अध्यक्षता में पर्यवेक्षणीय समिति की ओर से 28 अप्रैल को हुई बैठक में असि नदी के उद्गम स्थल कंदवा से लेकर गंगा असि संगम तक नदी तल व गाद की सफाई के निर्देश दिए थे। इसके लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए गए थे। वरुणा के उद्गम स्थल मैलहन ताल की नदी तल की खोदाई के लिए सिंचाई, जल संसाधन, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रयागराज और वन विभाग को भूमि के रिकॉर्ड का सत्यापन राजस्व विभाग से कराकर कार्रवाई का निर्देश दिया था।
बनाए जाएंगे जैव विविधता पार्क
असि और वरुणा के संगम स्थल पर दोनों तरफ जैव विविधता पार्क बनाने के लिए सिंचाई व जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए गए हैं। वरुणा व गंगा के संगमस्थल आदिकेशव घाट से लेकर वरुणा नदी के पांच किलोमीटर अंदर तक बायोडायवर्सिटी पार्क बनाने के लिए सिंचाई व जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए गए हैं। दूसरी तरफ मंडलायुक्त ने असि घाट पर असि नदी के 25 साल पुराने संगम स्थल से लेकर वर्तमान संगम स्थल तक समयबद्ध तरीके से बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित करने के लिए जिला वन अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।