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मरीज की मौत के बाद भी चलता रहा इलाज, डॉक्टर सहित पांच कर्मचारी गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sat, 23 Jun 2018 04:47 PM IST
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डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप माना जाता है, लेकिन कुछ यही भगवान जब आपका इस्तेमाल पैसे कमाने में करने लगे तो क्या होगा। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला यूपी के आजमगढ़ जिले में सामने आया है।
यहां शहर के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में मरीज की दो दिन पहले मौत हो जाने के बाद भी उपचार चलता रहा। इस दौरान घर वालों से एक लाखों रुपया भी जमा करा लिया गया। आजमगढ़ के लछीरामपुर मुहल्ला स्थित वेदांता अस्पताल में मरीज की दो दिन पहले मौत हो जाने के बाद भी इलाज जारी रखने का आरोप घर वालों ने लगाया है।
शुक्रवार को मरीज को रेफर करने की मांग पर डॉक्टर ने दो लाख रुपये मांगे, जबकि एक लाख पहले ही जमा करवा लिया था। विरोध करने पर डाक्टर और कर्मचारियों ने मरीज के घर वालों की पिटाई कर दी।
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यूपी 100 की पुलिस के साथ भी मारपीट की। बाद में पहुंची कोतवाली पुलिस ने डाक्टर, कर्मचारी सहित पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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यहां शहर के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में मरीज की दो दिन पहले मौत हो जाने के बाद भी उपचार चलता रहा। इस दौरान घर वालों से एक लाखों रुपया भी जमा करा लिया गया। आजमगढ़ के लछीरामपुर मुहल्ला स्थित वेदांता अस्पताल में मरीज की दो दिन पहले मौत हो जाने के बाद भी इलाज जारी रखने का आरोप घर वालों ने लगाया है।
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शुक्रवार को मरीज को रेफर करने की मांग पर डॉक्टर ने दो लाख रुपये मांगे, जबकि एक लाख पहले ही जमा करवा लिया था। विरोध करने पर डाक्टर और कर्मचारियों ने मरीज के घर वालों की पिटाई कर दी।
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यूपी 100 की पुलिस के साथ भी मारपीट की। बाद में पहुंची कोतवाली पुलिस ने डाक्टर, कर्मचारी सहित पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
मरीज से घर वालों को मिलने पर लगा रखी थी रोक
अतरौलिया थाना क्षेत्र के महादेवपुर गांव निवासी रामकेश सोनी (35) सोमवार की रात बाइक से जाते समय रानीपुर गांव के पास बोलेरो की टक्कर से घायल हो गया था। जिला अस्पताल के बाद उसे मंगलवार को इस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया।
सूरज सोनी के अनुसार बुधवार की रात ही उसके जीजा रामकेश की मौत हो गई थी। लेकिन डॉक्टर लगातार दवाइयां मंगा रहा था। गुरुवार देर रात तक 12 हजार से ज्यादा रुपये की दवाइयां मंगवाई पर ये कहां गई, इसका पता नहीं चला।
मरीज से घर वालों को मिलने नहीं दिया जा रहा था। शुक्रवार को सूरज ने जब डाक्टर से मरीज को रेफर करने के लिए कहा तो डाक्टर ने दो लाख रुपये मांगे। इनकार करने पर कहासुनी हो गई और डॉक्टर तथा कर्मचारियों ने सूरज, उसकी मां फिरता देवी, रामकेश की पत्नी उषा को परिसर में लाठियों से पीटा। सूचना पर पहुंची यूपी100 पुलिस के साथ भी स्टाफ ने मारपीट की।
सूरज सोनी के अनुसार बुधवार की रात ही उसके जीजा रामकेश की मौत हो गई थी। लेकिन डॉक्टर लगातार दवाइयां मंगा रहा था। गुरुवार देर रात तक 12 हजार से ज्यादा रुपये की दवाइयां मंगवाई पर ये कहां गई, इसका पता नहीं चला।
मरीज से घर वालों को मिलने नहीं दिया जा रहा था। शुक्रवार को सूरज ने जब डाक्टर से मरीज को रेफर करने के लिए कहा तो डाक्टर ने दो लाख रुपये मांगे। इनकार करने पर कहासुनी हो गई और डॉक्टर तथा कर्मचारियों ने सूरज, उसकी मां फिरता देवी, रामकेश की पत्नी उषा को परिसर में लाठियों से पीटा। सूचना पर पहुंची यूपी100 पुलिस के साथ भी स्टाफ ने मारपीट की।
इस अस्पताल में पहले भी आए ऐसे मामले
बाद में शहर कोतवाल फोर्स के साथ पहुंचे और डाक्टर, कर्मचारी सहित पांच को हिरासत में ले लिया। इस बारे में एसपी रविशंकर छवि ने बताया कि अस्पताल के पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। रामकेश का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया गया है।
तहरीर मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में शुक्रवार को मारपीट की घटना पहली नहीं है। इससे पूर्व भी इस प्रकार की घटनाएं हो चुकी हैं। अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ शहर कोतवाली में तीन मुकदमे दर्ज हैं।
इस अस्पताल में ज्यादातर वही मरीज भर्ती होते हैं, जिनको डाक्टर वाराणसी रेफर करते हैं। आरोप है कि सरकारी अस्पताल के डाक्टर और कुछ एबुलेंस वालों की मिलीभगत से मरीजों को वेदांता में भर्ती कराया जाता है।
तहरीर मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में शुक्रवार को मारपीट की घटना पहली नहीं है। इससे पूर्व भी इस प्रकार की घटनाएं हो चुकी हैं। अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ शहर कोतवाली में तीन मुकदमे दर्ज हैं।
इस अस्पताल में ज्यादातर वही मरीज भर्ती होते हैं, जिनको डाक्टर वाराणसी रेफर करते हैं। आरोप है कि सरकारी अस्पताल के डाक्टर और कुछ एबुलेंस वालों की मिलीभगत से मरीजों को वेदांता में भर्ती कराया जाता है।