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बनारसः अगर अब ट्रैफिक नियम तोड़ा, घर पहुंच जाएगा चालान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 30 Jun 2018 01:14 PM IST
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चौराहे पर लगाई जा रही यातायात सिग्नल लाइट
- फोटो : अमर उजाला
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अगर आप बनारस शहर में किसी प्रकार का वाहन चला रह हैं तो बड़े शहरों की तर्ज पर लाल पीले और हरे सिग्नल की लाइटों का पालन करना शुरू कर दीजिए, वरना थोड़ी सी लापरवाही आपको आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाली है।
इस ट्रैफिक सिग्नल का ट्रायल एक जुलाई से शहर के चार चौराहों पर होने जा रहा है। अगर इन चौराहों पर आपने गलतियां की तो तत्काल कैमरे में आप कैद हो जाएंगे और चालान आपके घर पहुंच जाएगा।
शहर की अनियंत्रित यातयात व्यवस्था को सुधारने के लिए स्मार्ट सिटी योजना में सिटी कमांड कंट्रोल सिस्टम लागू किया जा रहा है। इस 154 करोड़ की योजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 12 मार्च को किया था।
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इसके बाद सापूर्जी पालन जी कंपनी ने शहीद उद्यान में अपना सिटी कमांड कंट्रोल का कार्यालय बनाकर पूरी इंटरनल व्यवस्थाएं कर ली है। अब तक कंपनी अपना पूरा कार्य साफ़टवेयर डेवलेपमेंट के तौर पर आंतरिक रूप से कर रही थी, लेकिन अब काम धरातल पर भी दिखने लगा है।
चार चौराहों, मलदहिया, सिगरा, साजन और रथयात्रा पर नए-नए सिग्नल और कैमरे को इंस्टाल करने का काम शुरू हो गया है। दो दिनों बाद एक जुलाई से इनका ट्रायल भी शुरू हो जाएगा।
नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि चार चौराहों पर इसकी शुरूआत करके उसका ट्रायल किया जाएगा, ताकि लोग यातयात के नियमों का पालन करना शुरू कर दें, धीरे धीरे यह सभी चौराहों पर शुरू कर दिया जाएगा।
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इस ट्रैफिक सिग्नल का ट्रायल एक जुलाई से शहर के चार चौराहों पर होने जा रहा है। अगर इन चौराहों पर आपने गलतियां की तो तत्काल कैमरे में आप कैद हो जाएंगे और चालान आपके घर पहुंच जाएगा।
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शहर की अनियंत्रित यातयात व्यवस्था को सुधारने के लिए स्मार्ट सिटी योजना में सिटी कमांड कंट्रोल सिस्टम लागू किया जा रहा है। इस 154 करोड़ की योजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 12 मार्च को किया था।
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इसके बाद सापूर्जी पालन जी कंपनी ने शहीद उद्यान में अपना सिटी कमांड कंट्रोल का कार्यालय बनाकर पूरी इंटरनल व्यवस्थाएं कर ली है। अब तक कंपनी अपना पूरा कार्य साफ़टवेयर डेवलेपमेंट के तौर पर आंतरिक रूप से कर रही थी, लेकिन अब काम धरातल पर भी दिखने लगा है।
चार चौराहों, मलदहिया, सिगरा, साजन और रथयात्रा पर नए-नए सिग्नल और कैमरे को इंस्टाल करने का काम शुरू हो गया है। दो दिनों बाद एक जुलाई से इनका ट्रायल भी शुरू हो जाएगा।
नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि चार चौराहों पर इसकी शुरूआत करके उसका ट्रायल किया जाएगा, ताकि लोग यातयात के नियमों का पालन करना शुरू कर दें, धीरे धीरे यह सभी चौराहों पर शुरू कर दिया जाएगा।
64 चौराहों पर लगेंगे सिग्नल और कैमरा
शहर के 128 चौराहों में से 64 चौराहों का अभी होना है। इन चौराहों को नो मैन जोन कर दिया जाएगा। इन चौराहों की यातायात व्यवस्था सिग्नल से कंट्रोल की जाएगी। यहां पर हर एक मिनट पर सिग्नल बदलेगा, जिसका पालन करना होगा।
हालांकि कंपनी को पूरा कार्य अक्टूबर तक हर हाल में कर देना है, लेकिन ट्रैफिक सिग्नल की आदत डालने के लिए एक जुलाई से ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए यातायात पुलिस से भी बात हो गई है, जो इसको पालन कराने में सहयोग करेंगे।
वहीं अब तक चौराहों पर पुलिस रहती थी। ऐसे में अगर पुलिस रोकती है तो कोई बगल से कोई आगे से निकल जता है। यही नहीं कुछ लोग पुलिस के रोकने पर नेतागिरी और अपने रूतबे का धौंस जमाने लगते हैं।
लेकिन सिग्नल और कैमरे लगने के बाद वहां कोई नियम पालन कराने वाला व्यक्ति नहीं होगा। आगर किसी ने नियम तोड़ा तो कैमरा खुद इसकी सूचना कंट्रोन रूम को देगा।
इसके बाद इस कैमरे से वाहन के नंबर को ट्रैस करके वाहन मालिक के घर पर चालान और आपकी फोटो भेज दिया जाएगा। ऐसे में आप कोई क्लेम भी नहीं कर सकते हैं।
हालांकि कंपनी को पूरा कार्य अक्टूबर तक हर हाल में कर देना है, लेकिन ट्रैफिक सिग्नल की आदत डालने के लिए एक जुलाई से ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए यातायात पुलिस से भी बात हो गई है, जो इसको पालन कराने में सहयोग करेंगे।
वहीं अब तक चौराहों पर पुलिस रहती थी। ऐसे में अगर पुलिस रोकती है तो कोई बगल से कोई आगे से निकल जता है। यही नहीं कुछ लोग पुलिस के रोकने पर नेतागिरी और अपने रूतबे का धौंस जमाने लगते हैं।
लेकिन सिग्नल और कैमरे लगने के बाद वहां कोई नियम पालन कराने वाला व्यक्ति नहीं होगा। आगर किसी ने नियम तोड़ा तो कैमरा खुद इसकी सूचना कंट्रोन रूम को देगा।
इसके बाद इस कैमरे से वाहन के नंबर को ट्रैस करके वाहन मालिक के घर पर चालान और आपकी फोटो भेज दिया जाएगा। ऐसे में आप कोई क्लेम भी नहीं कर सकते हैं।