जाम की गिरफ्त में काशी : गोदौलिया से मैदागिन तक लगी रही लाइन, कई लोगों का परिवार बिछड़ गया; प्रशासन ने मिलवाया
काशी महाजाम का दंश झेल रही है। इस भीड़ में कई परिवार ऐसे रहे, जिनके सदस्य बिछड़ गए। खोया-पाया केंद्र के माध्यम से लोग अपनों से मिलकर खुश हुए। वहीं, प्रशासन भीड़ का प्रबंधन कर रहा था।
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Traffic Jam in Varanasi : गोदौलिया से मैदागिन और उसके आगे कोतवाली तक की सड़कें भक्तों से ही ब्लाॅक रहीं। कुछ भक्तों का परिवार बिछड़ गया तो मंदिर प्रशासन ने मिलवाया। वहीं ब्लड प्रेशर के कई मरीजों ने तो घबराकर लाइन ही छोड़ दी।
बीपी लो होने लगा तो फ्रूटी, ओआरएस और एनर्जी ड्रिंक पीकर काम चलाया। हजारों श्रद्धालु सड़क पर 50 मीटर तक भीड़ के चलते अपने चप्पल-जूते छोड़ गए। पांव में तकलीफ होने के चलते कुछ वृद्ध महिलाओं को मंदिर प्रशासन की ओर से सुगम दर्शन की व्यवस्था कराई गई।
कर्नाटक के कोगड़ू से आईं लक्ष्मी देवी ने कहा कि दोपहर के 12 बजे से लाइन में लगी थी। लेकिन, शाम 4 बजे तक बाबा के दर्शन नहीं मिले। फिर वो लाइन से हटकर नीचे सड़क पर बैठ गईं। घुटने में दर्द होने लगा और तबीयत भी बिगड़ गई थी। कई भक्त बाबा विश्वनाथ से दंडवत माफी मांग लाइन से हट गए।
जंगमबाड़ी मठ तक भक्तों का हुजूम
गंगा स्नान के साथ ही भोर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। दोपहर के 2 बजे तक गेट नंबर चार, चौक, नीचीबाग, बुलानाला, मैदागिन होते हुए लाइन कोतवाली थाने तक पहुंच गई।
दूसरी ओर गोदौलिया को पारकर जंगमबाड़ी मठ तक भक्तों का बड़ा हुजूम उमड़ा रहा। बुजुर्ग महिला को परिवार से मिलवाया : राजस्थान के आनंदपुर की 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला परिवार से बिछड़ गई थीं। सीईओ विश्वभूषण ने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर बुजुर्ग महिला को ढूंढने के लिए न्यास की टीम को लगाया।
इसके बाद धाम में लगे सीसी फुटेज को खंगाल कर महिला को ट्रेस किया। इसके बाद काफी खोजबीन कर दशाश्वमेध घाट से उन्हें खोजकर धाम में लाकर परिवार से मिलाया गया। परिवार ने अधिकारियों का आभार जताया।