राष्ट्रपति कार्यक्रम के दौरान किए गए रूट डायवर्जन से प्रशासन की व्यवस्था धड़ाम, वाराणसी में लगा लंबा जाम
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के वाराणसी दौरे के मद्देनजर प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए किए गए सारे इंतजाम धराशायी हो गए। शहर में जगह-जगह रूट डायवर्जन और डिवाइडर के बीच की गई बैरिकेडिंग के चलते सोमवार को शहर के अधिकतर हिस्सों में जाम से लोगों को जूझना पड़ा।
बरेका, मंडुवाडीह से लेकर लहरतारा, कैंट, अंधरापुल और नदेसर से कचहरी, भोजूबीर तक इलाकों में भीषण जाम से लोग कराह उठे। एक तो तल्ख धूप और ऊपर से जाम में फंसकर शहरवासी हांफ उठे। ककरमत्ता इलाके में तो कई एबुंलेंस भी फंसी रहीं। कचहरी इलाके में सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर एक से दो बजे तक जाम जैसी स्थिति रही।
सभी दुकानें रहीं बंद
नदेसर मिंट हाउस इलाके में सभी दुकानों को बंद करा दिया गया। वरूणा पुल के पास भी बैरिकेडिंग कर नदेसर आने वाले वाहनों को रोका गया। इसके चलते नदेसर, कचहरी और सर्किट हाउस से भोजूबीर रोड पूरी तरह जाम की चपेट में रहा। सुबह 10 बजे से ही जाम लगने का क्रम शुरू हुआ तो दोपहर एक से दो बजे तक जारी रहा। इसी बीच जाम में मंडुवाडीह और ककरमत्ता रोड पर एंबुलेंस भी फंसी रही।
डग्गामार बसों पर नहीं लागू हुआ डायवर्जन
राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान यातायात पुलिस ने शहर में डायवर्जन लागू किया था और बाहर से आने वाली रोडवेज और निजी बसों को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। कैंट रोडवेज बस स्टेशन पर गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया, जौनपुर आवाजाही करने वाली बसें सुबह से लेकर दोपहर तक नहीं पहुंची, लेकिन वाराणसी-आजमगढ़, वाराणसी-जौनपुर मार्ग पर चलने वाली डग्गामार बस वाले कैंट स्टेशन के ठीक सामने खड़ी होकर सवारियां बैठाते रहे। एक-दो बस नहीं बल्कि एक साथ तीन से चार बसें खड़ी होकर बीच शहर से होकर आजमगढ़ व जौनपुर के लिए निकलती रहीं। जबकि डायवर्जन के मुताबिक आजमगढ़ से आने वाली बसें अंडरपास गोइठहां के पास रोकी जाएंगी। रोडवेज बसें तो रुकीं, लेकिन डग्गामार बसों पर डायवर्जन का कोई असर नहीं रहा।