{"_id":"5a83f7ad4f1c1bd34b8b898d","slug":"toll-free-number-will-start-and-problem-solution-on-call","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अब फोन कॉल से होगा जनता की समस्याओं का समाधान, यह है हेल्पलाइन नंबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब फोन कॉल से होगा जनता की समस्याओं का समाधान, यह है हेल्पलाइन नंबर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 14 Feb 2018 02:17 PM IST
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यूपी की जनता के लिए खुशखबरी है। आमजन की पुलिस-प्रशासन से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। अब घर बैठे फोन कॉल से समस्याओं का समाधान होगा।
इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर शुरू किया जाएगा। इस हेल्पलाइन नंबर पर आमजन फोन कर फरियाद कर सकते हैं। फिलहाल इस हेल्पलाइन नंबर का ट्रॉयल किया जा रहा है और आगामी 15 दिन में इसका उद्घाटन कर काम शुरू कर दिया जाएगा।
इस नंबर पर की जाने वाली शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचेगी। हेल्पलाइन नंबर पर कॉल के लिए भी कोई चार्ज नहीं देना पड़ेगा। पहले जनता को अपनी शिकायतों के लिए कई जगह चक्कर काटने पड़ते थे।
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इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर शुरू किया जाएगा। इस हेल्पलाइन नंबर पर आमजन फोन कर फरियाद कर सकते हैं। फिलहाल इस हेल्पलाइन नंबर का ट्रॉयल किया जा रहा है और आगामी 15 दिन में इसका उद्घाटन कर काम शुरू कर दिया जाएगा।
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इस नंबर पर की जाने वाली शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचेगी। हेल्पलाइन नंबर पर कॉल के लिए भी कोई चार्ज नहीं देना पड़ेगा। पहले जनता को अपनी शिकायतों के लिए कई जगह चक्कर काटने पड़ते थे।
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समाधान की इतने दिन की समयावधि
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लखनऊ से प्रशिक्षण से लौट कर आए वाराणसी जिला प्रशासन के कर्मियों ने बताया कि 1076 पर फोन करने पर फरियादी की कॉल सीधे लखनऊ स्थित मेगा कॉल सेंटर जाएगी।
वहां से संबंधित विभाग के निचले स्तर के जिम्मेदारी अधिकारी के पास सबसे पहला मामला भेजा जाएगा। इसके बाद फीडबैक लिया जाएगा और यदि फरियादी संतुष्ट नहीं होगा तो फिर उससे उच्च अधिकारी के पास मामला भेजा जाएगा।
इसके बाद भी यदि फरियादी संतुष्ट नहीं हुआ तो संबंधित विभाग के जिला स्तरीय शीर्ष अधिकारी के पास मामला भेजा जाएगा। शिकायतों के समाधान के लिए सबसे निचले स्तर पर 15 दिन और उससे ऊपर के दो स्तर पर सात-सात दिन की समयावधि तय की गई है।
वहां से संबंधित विभाग के निचले स्तर के जिम्मेदारी अधिकारी के पास सबसे पहला मामला भेजा जाएगा। इसके बाद फीडबैक लिया जाएगा और यदि फरियादी संतुष्ट नहीं होगा तो फिर उससे उच्च अधिकारी के पास मामला भेजा जाएगा।
इसके बाद भी यदि फरियादी संतुष्ट नहीं हुआ तो संबंधित विभाग के जिला स्तरीय शीर्ष अधिकारी के पास मामला भेजा जाएगा। शिकायतों के समाधान के लिए सबसे निचले स्तर पर 15 दिन और उससे ऊपर के दो स्तर पर सात-सात दिन की समयावधि तय की गई है।