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बीएचयू को शीर्ष पर ले जाना छात्रों की जिम्मेदारी

Sat, 15 Aug 2015 02:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी Updated Sat, 15 Aug 2015 02:27 AM IST
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To move to the top students at the BHU be responsibility of
काशी हिंदू विश्वविद्यालय को विश्व पटल पर अग्रिम पंक्ति में खड़ा करने की जिम्मेदारी आप पर है। आपको ही इस विश्वविद्यालय को सामर्थ्यवान बनाना है। शुक्रवार को स्वतंत्रता भवन के खचाखच भरे हॉल में कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए यह आह्वान किया।
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कुलपति ने कहा कि महामना ने जिस दृष्टि के साथ इस विश्वविद्यालय की स्थापना की थी उसे आपको पूरा करना है। कहा कि दूसरे विश्वविद्यालय तो कॅरियर बिल्डिंग के लिए बनें लेकिन महामना ने इसे नेशन बिल्डिंग के उद्देश्य से बनाया था। कॅरियर के साथ आपको राष्ट्र निर्माण के बारे में भी सोचना होगा। भारत के मूल्योें और संस्कृतियों के साथ चलकर बीएचयू को शीर्ष पर ले जाना होगा। इस विश्वविद्यालय से जुड़ना आपके लिए सौभाग्य की बात है। अब इसे सार्थक सिद्ध करना आप पर निर्भर है। कहा कि मैं आप से आग्रह
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करता हूं कि विश्वविद्यालय के इस शताब्दी वर्ष में अपनी पूरी शक्ति संस्थान के विकास में लगाएं। बीएचयू की गरिमा को अपनी गरिमा बनाएं। इसके पूर्व छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए छात्र-छात्राओं के समक्ष विश्वविद्यालय का भौगोलिक और शैक्षिक परिचय पेश किया। एंटी रैगिंग स्क्वॉड के चेयरमैन प्रो. एसके त्रिगुण ने रैगिंग से संबंधित नियम और कानून बताए। छात्र-छात्राओं के लिए सभागार के बाहर भी बड़ी स्क्रीन पर कुलपति के संबोधन का प्रसारण किया गया। संचालन डॉ. आशीष त्रिपाठी व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. केपी उपाध्याय ने किया।
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खुलेगा भारत अध्ययन केंद्र
छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि प्राचीन एवं आधुनिक भारत को एक साथ जोड़ने की जरूरत है। भारत की लोक संस्कृति के अध्ययन के लिए बीएचयू में भारत अध्ययन केंद्र की स्थापना की जा रही है। मुझे पूरा भरोसा है कि  दूसरे देशों के लोग भी इस केंद्र में अध्ययन करने आएंगे और भारत की संस्कृति को समझेंगे। इस बाबत जापान से वार्ता भी हो चुकी है। बताया कि नदियों पर शोध के लिए महामना सेंटर फॉर गंगा रिवर डेवलपमेंट एंड वाटर रिसोर्स मैनेजमेंट की भी स्थापना की जाएगी।
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