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Varanasi News: समय पर स्क्रीनिंग और एचपीवी टीकाकरण से दूर होगा सर्वाइकल कैंसर का खतरा
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आईएमएस बीएचयू के स्त्री रोग विभाग की ओर से आयोजित सीएमई में विशेषज्ञों ने सर्वाइकल कैंसर के कारण और बचाव के उपाय बताए। कहा कि अगर समय पर स्क्रीनिंग और एचपीवी टीकाकरण किया जाए तो सर्वाइकल कैंसर का खतरा कम होगा। ऐसे में ज्याा से ज्यादा लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है।
केएन उडुप्पा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में शीघ्र पहचान होना बहुत जरूरी है। स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को विभिन्न विशेषज्ञताओं के बीच समन्वय स्थापित करते हुए अधिक से अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग और समय पर उपचार के लिए प्रेरित किया गया। स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता राय की मौजूदगी में सभी विशेषज्ञों ने मिलकर डब्ल्यूएचओ के वैश्विक लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रयास करने का संकल्प लिया। इस संकल्प के अंतर्गत 90 प्रतिशत महिलाओं का टीकाकरण, 70 प्रतिशत महिलाओं की स्क्रीनिंग और 90 प्रतिशत रोगियों का उपचार सुनिश्चित करना है। कहा कि सर्वाइकल कैंसर भारत में दूसरा सबसे आम कैंसर है। हर वर्ष इसके लगभग एक लाख मामले सामने आते हैं। भारत में हर आठ मिनट में एक महिला की इस बीमारी के कारण मृत्यु हो जाती है। इस दौरान डाॅ. लावण्या अनुरंजनी, प्रो. ममता, डॉ. कीर्ति कैथवास आदि मौजूद रहीं।
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केएन उडुप्पा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में शीघ्र पहचान होना बहुत जरूरी है। स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को विभिन्न विशेषज्ञताओं के बीच समन्वय स्थापित करते हुए अधिक से अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग और समय पर उपचार के लिए प्रेरित किया गया। स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता राय की मौजूदगी में सभी विशेषज्ञों ने मिलकर डब्ल्यूएचओ के वैश्विक लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रयास करने का संकल्प लिया। इस संकल्प के अंतर्गत 90 प्रतिशत महिलाओं का टीकाकरण, 70 प्रतिशत महिलाओं की स्क्रीनिंग और 90 प्रतिशत रोगियों का उपचार सुनिश्चित करना है। कहा कि सर्वाइकल कैंसर भारत में दूसरा सबसे आम कैंसर है। हर वर्ष इसके लगभग एक लाख मामले सामने आते हैं। भारत में हर आठ मिनट में एक महिला की इस बीमारी के कारण मृत्यु हो जाती है। इस दौरान डाॅ. लावण्या अनुरंजनी, प्रो. ममता, डॉ. कीर्ति कैथवास आदि मौजूद रहीं।
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