पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में नए साल में वेस्ट टू एनर्जी के बनेंगे तीन प्लांट, बनाई जाएगी बिजली और खाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी शहर से निकलने वाले कूड़े से बिजली और खाद तैयार की जाएगी। खाद किसानों को बेची जाएगी। जबकि बिजली का इस्तेमाल प्लांट चलाने के लिए किया जाएगा। नए साल में कूड़े से बिजली, खाद बनाने वाले तीन प्लांट तैयार हो जाएंगे। सीएसआर के तहत तीन स्थानों पर इसका ट्रायल चल रहा है।
शहर के भवानिया पोखरी, पहाड़िया मंडी और आईडीएच कॉलोनी में ऑर्गेनिक (किचेन) कूड़े से बिजली और खाद तैयार होगी। कूड़े से बिजली बनाने (वेस्ट टू एनर्जी) के प्लांट में प्रतिदिन 15 टन ऑर्गेनिक कूड़े की आवश्यकता है। जिनके जरिए प्रत्येक प्लांट में 780 यूनिट बिजली पैदा होगी।
भवनिया पोखरी में बिजली पैदा हो रही है, जबकि बाकी दो जगह पर अभी बिजली नहीं पैदा हो रही है। सीएसआर के तहत इंडियन आयल के सहयोग से बनने वाले तीनों प्लांटों को नगर निगम सशर्त लेगा।
अपर नगर आयुक्त देवी दयाल ने कहा कि तीनों प्लांटों को देखा गया है। प्लांट ट्रायल में चल रहा है। नए साल में तीनों तैयार हो जाएंगे। इंडियन ऑयल के अधिकारियों से कहा गया है कि तीनों को पूरी तरह से तैयार करें। इसके बाद को नगर निगम हैंडओवर किया जाएगा।
सब्जी मंडी और किचन से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण किया जाना इस प्लांट का उद्देश्य है। न केवल इससे बिजली पैदा की जाएगी बल्कि इससे खाद बनेगी। जो किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे कूड़ा उठाकर दूर प्लांट तक ले जाने में आने वाला खर्च की कटौती होगी।