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बड़ा झटका: वाराणसी में बंद होंगे 3 वेस्ट टू एनर्जी प्लांट, 150 स्ट्रीट लाइटें हो जाएंगी बंद
Sat, 11 May 2024 05:02 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sat, 11 May 2024 05:02 PM IST
सार
वाराणसी के तीन वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बंद हो सकते हैं। प्लांट बंद होने से 150 स्ट्रीट लाइटें नहीं जल पाएंगी। 800 यूनिट बिजली पांच टन गीले कचरे से बनती है, लेकिन कचरा न मिलने से परेशानी हो रही है।
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पहाड़ियां स्थित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी शहर के तीन वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बंद होने की कगार पर हैं। यहां पर्याप्त गीला कचरा नहीं पहुंच पा रहा है। इसके चलते प्लांट अंडर कैपिसिटी में चल रहे हैं। प्लांट बंद होने पर 150 स्ट्रीट लाइटों को बिजली मिलनी बंद हो जाएगी।
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शहर में आईडीएच कज्जाकपुरा, पहाडिया मंडी और भवनिया पोखरी में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बने है। प्रत्येक संयंत्र की क्षमता पांच टन गीले कचरे से प्रतिदिन 800 यूनिट बिजली उत्पादन की है। हाल ही में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि तीनों संयंत्र को पर्याप्त मात्रा में गीला कचरा नहीं मिल पा रहा है। इसके बाद नगर आयुक्त ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को तीनों प्लांट के लिए नोडल अधिकारी बनाया।
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कचरा एकत्रीकरण की दिशा में एक निजी कंपनी को संयंत्र के श्रमिकों का रजिस्टर बनाने और उत्पन्न कचरे पर दैनिक रिपोर्ट प्रदान करने को कहा गया है। दरअसल गीला कचरा सब्जी मंडियों से ही अधिक निकलता है। सब्जियों के ज्यादातर कचरे को सामान्य कचरे में फेंक दिया जा रहा है।
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ऐसे काम करता है वेस्ट टू एनर्जी प्लांट
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में कचरे का उपयोग बिजली पैदा करने के लिए किया जाता है। इसमें कूड़े को जलाने के अलावा उसमें मौजूद पोषक तत्वों का उपयोग करने के लिए अन्य तरीके अपनाए जाते हैं।
क्या बोले अधिकारी
शहर की सब्जी मंडी से संपर्क कर अधिक से अधिक गीला कचरा प्लांट तक पहुंचाने की व्यवस्था बनाई जा रही है। जल्द ही प्लांट पूरी क्षमता से चलेंगे।
-संदीप श्रीवास्तव, पीआरओ, नगर निगम