फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Three more henchmen of the gang making fake Aadhaar-PAN cards arrested

Varanasi News: फर्जी आधार-पैन कार्ड बनाने वाले गिरोह के तीन और गुर्गे गिरफ्तार

Wed, 12 Jul 2023 11:19 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jul 2023 11:19 PM IST
विज्ञापन
Three more henchmen of the gang making fake Aadhaar-PAN cards arrested
वेबसाइट बनाकर फर्जी आधार व पैन कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध कराने वाले गिरोह के तीन और सदस्यों को बुधवार को वाराणसी साइबर क्राइम थाने की टीम ने राधजानी से गिरफ्तार किया है। गिरोह के नौ सदस्य दो महीने पहले गिरफ्तार किए जा चुके हैं। साइबर अपराधी इन वेबसाइट के जरिये फर्जी आधार व पैन कार्ड बनाकर खाते खुलवाते हैं और सिम भी लेते हैं। जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी व अन्य साइबर अपराधों में करते हैं।
विज्ञापन

एसपी साइबर क्राइम त्रिवेणी सिंह ने बताया कि बिहार के पूर्वी चंपारण निवासी अफजल आलम, शिवरतनगंज अमेठी के सुशील कुमार और गया के मो. इरशाद को टीम ने गिरफ्तार किया है। गिरोह के तीन साथी हरिओम, आकाश और सजीत अभी फरार हैं, जिन पर 25-25 हजार का इनाम है।
विज्ञापन

एसपी के मुताबिक, गिरोह ने कई अलग-अलग वेबसाइट बना रखी हैं। ये वेबसाइट यूजर बेस्ड हैं। मतलब कोई भी व्यक्ति अपना मोबाइल नंबर, ईमेल, नाम आदि डालकर अकाउंट बना सकता है। गिरोह के गुर्गे इसमें कोई भी आधार कार्ड नंबर डालकर फर्जी फोटो, फर्जी पता व नाम डालकर आधार कार्ड बनाते थे। पैन कार्ड भी बना लेते थे। दोनों दस्तावेज असली की तरह प्रिंट होते थे। इन दस्तावेज पर सिम लेते थे और खाते खुलवाते थे, जिनका इस्तेमाल जालसाजी में करते थे। इसके एवज में आरोपियों पर प्रति आधार व पैनकार्ड का कुल 40 रुपये मिलता है। जो ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाता है। इसके लिए खुद के पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर दिन बनाते थे एक-एक हजार आधार व पैन, 25 हजार तक की कमाई
एसपी के मुताबिक, हर दिन इनकी वेबसाइट से लगभग एक-एक हजार पैन व आधार कार्ड बनाए जाते हैं। इस तरह से वह 20 से 25 हजार रुपये आसानी से कमा लेते हैं। जानकारी के मुताबिक, गिरोह के कई सदस्य साइबर ठगी के बड़े गिरोह चला रहे हैं। जो इन फर्जी आधार व पैन का इस्तेमाल करते हैं। वह पकड़े न जाएं इसलिए फेक आईडी का इस्तेमाल करते हैं।

अब तक नौ वेबसाइट के बारे में मिली जानकारी
साइबर क्राइम थाने की टीम की अब तक की जांच में सामने आया है कि गिरोह के लोग नौ वेबसाइट चला रहे थे। अभी कई आरोपी फरार हैं। इसलिए आशंका है कि ये संख्या बढ़ सकती है। इन वेबसाइट के बारे में साइबर अपराधियों के गिरोह को पूरी जानकारी है।

खरीदते थे यूआईडीएआई का डाटा एसपी ने बताया कि आरोपियों ने बताया कि डार्कवेब और टेलीग्राम पर यूआईडीएआई व एनएसडीएल की ओर से अधिकृत कंपनियों का डाटा चुराकर साइबर अपराधी बेचते हैं। ये आरोपी ये डाटा खरीदकर अपनी वेबसाइट पर अपलोड करते थे। जो वेबसाइट के यूजर होते थे उनको आसानी से आधार नंबर मिल जाता था। इसके जरिये वह फर्जी आधार व पैन कार्ड बना लेते थे।

बरामदगी :
सात मोबाइल, तीन लैपटॉप, दो फिंगर प्रिंट स्कैनर, तीन आधार कार्ड, तीन पैनकार्ड।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed