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Varanasi News: 14 नवंबर तक पंजीकरण कराने वालों को मिलेगा ओटीएस का लाभ, इसके बाद लगेगा ब्याज
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नगर निगम की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का लाभ उठाकर गृहकर बकाया पर 100 प्रतिशत ब्याज माफी का अवसर 14 नवंबर तक है। इस तारीख तक पंजीकरण कराने वाले भवन स्वामियों को 31 दिसंबर तक टैक्स जमा करने पर ओटीएस का लाभ दिया जाएगा, नहीं तो भवन स्वामियों को मूल बकाये के साथ पूरा सरचार्ज/ब्याज देना होगा।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बृहस्पतिवार को नगर निगम के सभागार में कर वसूली पर चार जोनों (आदमपुर, वरूणापार, ऋषि मांडवी और सारनाथ जोन) की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत वसूली करने के सख्त निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने कर व राजस्व अधीक्षकों से भवन स्वामियों को जागरूक करें, क्षेत्र में विशेष कैंप लगाएं और अधिक से अधिक बकायेदारों का मोबाइल नंबर से पंजीकरण कराकर वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि 15 दिन बाद फिर समीक्षा बैठक होगी। इसमें प्रगति की जांच होगी।
85.76 करोड़ रुपये की ब्याज राशि होगी माफ
नगर निगम क्षेत्र में कुल 97,857 बकायेदार भवनों पर 209.96 करोड़ रुपये का मूल टैक्स और 85.76 करोड़ रुपये का ब्याज, यानी कुल 295.73 करोड़ की मांग है। यदि सभी बकायेदार 14 नवंबर तक पंजीकरण करा लेते हैं, तो उन्हें 85.76 करोड़ रुपये की भारी ब्याज राशि से पूरी राहत मिल सकती है। हालांकि, अब तक केवल 9,248 भवन स्वामियों ने ही ओटीएस के तहत पंजीकरण कराया है। इस पर 24.86 करोड़ रुपये की मांग दर्ज हुई और 3.96 करोड़ रुपये की वसूली हुई है।
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नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बृहस्पतिवार को नगर निगम के सभागार में कर वसूली पर चार जोनों (आदमपुर, वरूणापार, ऋषि मांडवी और सारनाथ जोन) की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत वसूली करने के सख्त निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने कर व राजस्व अधीक्षकों से भवन स्वामियों को जागरूक करें, क्षेत्र में विशेष कैंप लगाएं और अधिक से अधिक बकायेदारों का मोबाइल नंबर से पंजीकरण कराकर वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि 15 दिन बाद फिर समीक्षा बैठक होगी। इसमें प्रगति की जांच होगी।
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85.76 करोड़ रुपये की ब्याज राशि होगी माफ
नगर निगम क्षेत्र में कुल 97,857 बकायेदार भवनों पर 209.96 करोड़ रुपये का मूल टैक्स और 85.76 करोड़ रुपये का ब्याज, यानी कुल 295.73 करोड़ की मांग है। यदि सभी बकायेदार 14 नवंबर तक पंजीकरण करा लेते हैं, तो उन्हें 85.76 करोड़ रुपये की भारी ब्याज राशि से पूरी राहत मिल सकती है। हालांकि, अब तक केवल 9,248 भवन स्वामियों ने ही ओटीएस के तहत पंजीकरण कराया है। इस पर 24.86 करोड़ रुपये की मांग दर्ज हुई और 3.96 करोड़ रुपये की वसूली हुई है।
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