{"_id":"612546898ebc3ebde1367e17","slug":"those-who-raise-their-voice-against-oppression-are-called-hussaini-varanasi-news-vns6077347190","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने वालों को हुसैनी कहते हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने वालों को हुसैनी कहते हैं
विज्ञापन
मुहर्रम की चौदहवीं तारीख को शहीदाने कर्बला और असीराने कर्बला की याद में मजलिसों का आयोजन किया गया। मजलिसों में लोगों ने दर्द भरे नौहे पेश करते हुए कहा कि जुल्म के खिलाफ जो लोग आवाज उठाते हैं, वो सच्चे हुसैनी हैं।
पठानी टोला में प्रो. अजीज हैदर के निवास पर मौलाना जावेद नजफी ईराक ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि भारत में इमाम हुसैन को चाहने वालों की संख्या अधिक है। अंजुमन सज्जादिया ने दर्द भरे नौहे पेश किया। भीखाशाह गली बेनियाबाग में उरफी भाई के इमामबाड़ा पर पांच दिवसीय मजलिस के दूसरे दिन मौलाना रिजवान मारूफी (मऊ) ने मजलिस को खिताब किया।
बालक ताहिर जवाद ने कलाम पेश किया और मजाहिर अली ने सोजखानी, अंजुमन हैदरी ने नौहा पेश किया। अर्दली बाजार स्थित उलफत बीबी हाते में स्व. मास्टर जहीर के इमामबाड़े पर आयोजित मजलिस में अंजुमन इमामियां ने नौहा मातम किया। काली महल में शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि 1383 साल पहले इमाम हुसैन शहीद हुए थे, लेकिन उनके चाहने वाले उनको याद करके उनके गम को मनाते हैं और कर्बला से एक हिम्मत पाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पठानी टोला में प्रो. अजीज हैदर के निवास पर मौलाना जावेद नजफी ईराक ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि भारत में इमाम हुसैन को चाहने वालों की संख्या अधिक है। अंजुमन सज्जादिया ने दर्द भरे नौहे पेश किया। भीखाशाह गली बेनियाबाग में उरफी भाई के इमामबाड़ा पर पांच दिवसीय मजलिस के दूसरे दिन मौलाना रिजवान मारूफी (मऊ) ने मजलिस को खिताब किया।
विज्ञापन
बालक ताहिर जवाद ने कलाम पेश किया और मजाहिर अली ने सोजखानी, अंजुमन हैदरी ने नौहा पेश किया। अर्दली बाजार स्थित उलफत बीबी हाते में स्व. मास्टर जहीर के इमामबाड़े पर आयोजित मजलिस में अंजुमन इमामियां ने नौहा मातम किया। काली महल में शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि 1383 साल पहले इमाम हुसैन शहीद हुए थे, लेकिन उनके चाहने वाले उनको याद करके उनके गम को मनाते हैं और कर्बला से एक हिम्मत पाते हैं।
विज्ञापन