Varanasi News: धमेख स्तूप के तड़ित चालक की पट्टी उखाड़ ले गए चोर, ASI ने नहीं दर्ज कराया केस; सुरक्षा पर सवाल
Varanasi News: तड़ित चालक की दो इंच चौड़ी और 40 फीट लंबी कॉपर की पट्टी चोरी की जानकारी होना चर्चा का विषय बना हुआ है। परिसर की सुरक्षा को लेकर एएसआई की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। यहां 18 प्राइवेट और एएसआई के चार कर्मचारी सुरक्षा में तैनात रहते हैं।
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पुरातात्विक खंडहर परिसर स्थित धमेख स्तूप पर लगे तड़ित चालक की दो इंच चौड़ी और 40 फीट लंबी कॉपर की पट्टी चोर उखाड़ ले गए। ताजुब की बात यह है कि इस संबंध में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की ओर से सारनाथ थाने में मुकदमा नहीं दर्ज कराया गया। यह जरूर किया गया कि आनन-फानन में कॉपर की पुरानी पट्टी लगवा कर घटना के संबंध में एएसआई के अधिकारियों और कर्मचारियों ने चुप्पी साध ली।
भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ में देश-विदेश से हजारों की संख्या में सैलानी हर माह आते हैं। सारनाथ स्थित पुरातात्विक स्थलों के रखरखाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी एएसआई की है।
सारनाथ के पुरातात्विक खंडहर परिसर स्थित धमेख स्तूप की सुरक्षा के लिए छह-छह प्राइवेट सुरक्षाकर्मी तीन शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं। एएसआई के दो-दो कर्मचारी दो शिफ्ट में तैनात रहते हैं। इसके अलावा धमेख स्तूप परिसर के चारों तरफ 10 फीट ऊंची लोहे की रेलिंग लगी है।
धमेख स्तूप पर बिजली न गिरे, इसके लिए यहां तड़ित चालक लगाया गया था। निगरानी की व्यवस्था के बीच चोर जगह-जगह लगे इंसुलेटर पर ईंट से वार कर 40 फीट लंबी कॉपर की पट्टी उखाड़ कर चुरा ले गए। इस संबंध में पूछे जाने पर सारनाथ थानाध्यक्ष परमहंस गुप्ता ने कहा कि उन्हें किसी ने चोरी की मौखिक सूचना या तहरीर नहीं दी है।
आप दिल्ली से पता कर लें, हम अधिकृत नहीं
एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद अविनाश मोहंती से धमेख स्तूप के तड़ित चालक के चोरी होने के संबंध में पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि जो कुछ भी हुआ है उसकी जांच कराई जा रही है। जिम्मेदार कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई भी होगी। शेष, आप दिल्ली बात करके पता कर लें। हम कुछ भी बताने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
चाय की दुकान पर चोरी का भेद खुला
कॉपर की पट्टी चोरी होने का भेद रविवार की सुबह धमेख स्तूप के पास स्थित चाय की एक दुकान पर स्थानीय लोगों की चर्चा के दौरान खुला। स्थानीय लोग रोजाना सुबह के समय धमेख स्तूप और उसके आसपास टहलते हैं। उन्हीं लोगों ने बताया कि दो या तीन दिन पहले धमेख स्तूप की कॉपर की पट्टी चोर चुरा ले गए थे। आनन-फानन में गुपचुप तरीके से एएसआई ने कॉपर की पुरानी पट्टी लगवा दी।
पुरातात्विक खंडहर परिसर की एक-एक ईंट बेशकीमती
सारनाथ स्थित पुरातात्विक खंडहर परिसर की एक-एक ईंट का वैश्विक स्तर पर धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। तस्कर इस फिराक में रहते हैं कि उनके हाथ एक ईंट भी लग जाएगी तो उसकी मुंहमांगी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में आसानी से मिल जाएगी।
इसके बावजूद धमेख स्तूप परिसर की सुरक्षा में बड़ी सेंध लग गई। उससे भी बड़ी बात यह है कि सारनाथ थाने की पुलिस को चोरी की भनक तक नहीं लगी और एएसआई के स्थानीय अधिकारी व कर्मचारी चुप्पी साधे हुए हैं।