{"_id":"5b51c7814f1c1b6e118b4af8","slug":"these-plant-are-planting-in-house-for-get-rid-of-mosquitoes","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मच्छरों से चाहिए निजात तो घर में लगाएं यह पौधे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मच्छरों से चाहिए निजात तो घर में लगाएं यह पौधे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 21 Jul 2018 02:00 PM IST
विज्ञापन
सिट्रोनेला का पौधा
- फोटो : अमर उजाला
घर में अगर मच्छरों के दंश से मुक्ति पाना है तो अब क्वायल या लिक्विड जलाने की जरुरत नहीं। कुछ ऐसे पौधे भी हैं, जिनको घर में रखकर इन मच्छरों से निजात पाई जा सकती है।
इन पौधों से घर भी काफी हद तक सुगंधित रहेगा। इसलिए उद्यान विभाग इन पौधों को बढ़ावा देने के लिए अपने नर्सरी में लगा रहा है, ताकि इन पौधों की संख्या बढ़ने पर लोगों को इनके बारे में जानकारी दी जा सके।
बारिश होते ही जल जमाव के चलते चारों ओर मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसे में विभिन्न तरह के रोगों का खतरा भी बढ़ने लगता है। मच्छर जनित रोगों से बचने के लिए लोग क्वायल और लिक्विड का प्रयोग करते हैं। इसके बाद भी पूरी तरह से मच्छरों का प्रकोप समाप्त नहीं होता है।
विज्ञापन
इतना ही नहीं इनसे निकलने वाले धुएं लोगों को नुकसान भी पहुंचाते हैं। सबसे अधिक परेशानी श्वांस और दमा के मरीजों को होती है। इन सारी परेशानियों से बचने के लिए ही उद्यान विभाग इस समय सिट्रोनेला और लेमन ग्रास जैसे पौधे घरों में लगाने की सलाह दे रहा है।
यही नहीं इसके लिए वह खुद ही पौधे तैयार करने का काम कर रहा है। ताकि इसके बारे में लोगों को जानकारी देकर इस तरह के औषधीय पौधों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सके।
विज्ञापन
इन पौधों से घर भी काफी हद तक सुगंधित रहेगा। इसलिए उद्यान विभाग इन पौधों को बढ़ावा देने के लिए अपने नर्सरी में लगा रहा है, ताकि इन पौधों की संख्या बढ़ने पर लोगों को इनके बारे में जानकारी दी जा सके।
विज्ञापन
बारिश होते ही जल जमाव के चलते चारों ओर मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसे में विभिन्न तरह के रोगों का खतरा भी बढ़ने लगता है। मच्छर जनित रोगों से बचने के लिए लोग क्वायल और लिक्विड का प्रयोग करते हैं। इसके बाद भी पूरी तरह से मच्छरों का प्रकोप समाप्त नहीं होता है।
विज्ञापन
इतना ही नहीं इनसे निकलने वाले धुएं लोगों को नुकसान भी पहुंचाते हैं। सबसे अधिक परेशानी श्वांस और दमा के मरीजों को होती है। इन सारी परेशानियों से बचने के लिए ही उद्यान विभाग इस समय सिट्रोनेला और लेमन ग्रास जैसे पौधे घरों में लगाने की सलाह दे रहा है।
यही नहीं इसके लिए वह खुद ही पौधे तैयार करने का काम कर रहा है। ताकि इसके बारे में लोगों को जानकारी देकर इस तरह के औषधीय पौधों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सके।
Trending Videos
इन पौधों के लाभ
लेमन ग्रास
- फोटो : अमर उजाला
सिट्रोनेला, नींबू घास (लेमन ग्रास) काफी भारतीय घरों में उगाई जाती है। इसे लेमन ग्रास, चायना ग्रास, भारतीय नींबू घास, मालाबार घास अथवा कोचीन घास भी कहते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम सिम्बेपोगोन फ्लक्सुओसस है। यह गांव में उगने वाले सरपत की तरह होता है।
इसको क्यारी के अलावा गमले में भी लगाया जा सकता हैं। इसकी पत्तियां चाय में डाल कर औषधी के रूप में प्रयोग भी कर सकते हैं। पत्तियों में गंध मिलती है, जो चाय में डालकर या उसे उबालकर पीने से ताजगी रहती है। साथ ही इस पौधे को उबालकर पीने से सर्दी आदि रोगों से भी राहत मिलती है।
जिला उद्यान अधिकारी संदीप गुप्ता का कहना है कि सिट्रोनेला, लेमन ग्रास ऐसे पौधे हैं, जो औषधीय होने के चलते सुगंधित हैं। इनके गंध से कीट पतंगे नहीं आते हैं। इसका रस साबुन और तेल बनाने के काम आता है। किसान इसकी व्यवसायीक खेती करके अपनी आय भी बढ़ा सकते हैं। यह पौधे नर्सरी पर आसानी से उपलब्ध हैं।
इसको क्यारी के अलावा गमले में भी लगाया जा सकता हैं। इसकी पत्तियां चाय में डाल कर औषधी के रूप में प्रयोग भी कर सकते हैं। पत्तियों में गंध मिलती है, जो चाय में डालकर या उसे उबालकर पीने से ताजगी रहती है। साथ ही इस पौधे को उबालकर पीने से सर्दी आदि रोगों से भी राहत मिलती है।
जिला उद्यान अधिकारी संदीप गुप्ता का कहना है कि सिट्रोनेला, लेमन ग्रास ऐसे पौधे हैं, जो औषधीय होने के चलते सुगंधित हैं। इनके गंध से कीट पतंगे नहीं आते हैं। इसका रस साबुन और तेल बनाने के काम आता है। किसान इसकी व्यवसायीक खेती करके अपनी आय भी बढ़ा सकते हैं। यह पौधे नर्सरी पर आसानी से उपलब्ध हैं।