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पंचगव्य के महत्व को दुनिया ने स्वीकार किया
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आरोग्य भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष वैद्य राकेश पंडित ने कहा कि आज पंचगव्य के महत्व को दुनिया ने स्वीकार किया है। पंचगव्य शरीर में बायोवेलिबिलिटी को बढ़ाता है, जिससे दवाओं की डोज कम की जा सकती है। गोमूत्र में ऑफलाक्सासिन के समान एंटी माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। वह रविवार को आरोग्य भारती काशी प्रांत एवं गोसेवा विभाग की ओर से आयोजित वेबिनार को संबोधित कर रहे थे।
अखिल भारतीय गोसेवा प्रमुख अजीत प्रसाद महापात्र ने कहा कि गाय को यूं ही माता नहीं कहा गया है। गाय से उत्पन्न हर पदार्थ औषधि है। विश्व आयुर्वेद मिशन के अध्यक्ष प्रो. जीएस तोमर ने कहा कि आज भी काशी में श्रावणी के अवसर पर पंचगव्य का सेवन निश्चित ही वर्षभर लोगों को रोगमुक्त रखता है। बीएचयू के वैद्य सुशील कुमार दुबे ने कहा कि गाय का दूध शीत, चिकना, भारी, मीठा, वातपित्तनाशक व तत्काल वीर्य उत्पन्न करने वाला होता है। प्रो. बृजेश मिश्र ने कहा कि गाय के गोबर का सबसे बड़ा गुण कीटाणुनाशक है। विश्व आयुर्वेद मिशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. धर्मप्रकाश आर्य ने कहा कि हर घर में गोपालन करना चाहिए। इस दौरान डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय, डॉ. मुकेश, डॉ. सिबानी सोनी, डॉ. अवनीश पांडेय, डॉ. विपुल नारायण, डॉ. आशीष त्रिपाठी, डॉ. मीनाक्षी सिंह, डॉ. अभिषेक पांडेय उपस्थित रहे।
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अखिल भारतीय गोसेवा प्रमुख अजीत प्रसाद महापात्र ने कहा कि गाय को यूं ही माता नहीं कहा गया है। गाय से उत्पन्न हर पदार्थ औषधि है। विश्व आयुर्वेद मिशन के अध्यक्ष प्रो. जीएस तोमर ने कहा कि आज भी काशी में श्रावणी के अवसर पर पंचगव्य का सेवन निश्चित ही वर्षभर लोगों को रोगमुक्त रखता है। बीएचयू के वैद्य सुशील कुमार दुबे ने कहा कि गाय का दूध शीत, चिकना, भारी, मीठा, वातपित्तनाशक व तत्काल वीर्य उत्पन्न करने वाला होता है। प्रो. बृजेश मिश्र ने कहा कि गाय के गोबर का सबसे बड़ा गुण कीटाणुनाशक है। विश्व आयुर्वेद मिशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. धर्मप्रकाश आर्य ने कहा कि हर घर में गोपालन करना चाहिए। इस दौरान डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय, डॉ. मुकेश, डॉ. सिबानी सोनी, डॉ. अवनीश पांडेय, डॉ. विपुल नारायण, डॉ. आशीष त्रिपाठी, डॉ. मीनाक्षी सिंह, डॉ. अभिषेक पांडेय उपस्थित रहे।
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