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छात्र-छात्राओं ने जानी केमिस्ट्री की मिस्ट्री
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 01 Sep 2015 01:59 AM IST
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बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में चल रहे ‘इंस्पायर इंटर्नशिप साइंस कैंप’ के दूसरे दिन सोमवार को विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को केमिस्ट्री की मिस्ट्री समझाई। केमिस्ट्री विभाग के प्रो. आरएन राय ने मॉडल के जरिए उन्हें दैनिक जीवन में रसायन शास्त्र की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। वहीं, विद्यार्थियों ने आईआईटी की प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया और आधुनिक तकनीक के जरिये शोध की प्रक्रिया को करीब से देखा।
पांच दिवसीय कैंप में हुए व्याख्यान में प्रो. राय ने विद्यार्थियों को लेजर तकनीक के बारे में बताया। कहा कि इस तकनीक से मिसाइल तक को नष्ट किया जा सकता है। लेजर पदार्थ के निर्माण के लिए अणुओं की संरचना किस तरह होती है, क्षमता युक्त लेजर से क्रिस्टल कैसे बनाया जाता है, इन बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं, आईआईटी के प्रो. आरके मंडल ने बताया कि जिस तरह शरीर के निर्माण में क्षिति, जल, पावक, गगन व समीर का योगदान है, उसी तरह ब्रह्मांड के निर्माण भी इन्हीं पांच तत्वों से हुआ है। उन्होंने नैनो इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कॅरियर विकल्पों की भी जानकारी विद्यार्थियों को दी।
इसके बाद विद्यार्थी आईआईटी की मेन वर्कशॉप पहुंचे। यहां की हो रहे शोध कार्य और मशीनों को देखकर उनमें साइंस के प्रति रुचि कई गुना बढ़ गई। छात्र-छात्राओं को परिसर स्थित बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर का भी भ्रमण कराया गया। कैंप के संयोजक प्रो. डीसी राय ने विज्ञान और अध्यात्म से जुड़ी उनकी जिज्ञासाओं को दूर करने का प्रयास किया। इस अवसर पर प्रो. आरके पांडेय, प्रो. अखिलेंद्र पांडेय, डॉ. विनोद पासवान एवं डॉ. आनंद देव आदि मौजूद थे।
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पांच दिवसीय कैंप में हुए व्याख्यान में प्रो. राय ने विद्यार्थियों को लेजर तकनीक के बारे में बताया। कहा कि इस तकनीक से मिसाइल तक को नष्ट किया जा सकता है। लेजर पदार्थ के निर्माण के लिए अणुओं की संरचना किस तरह होती है, क्षमता युक्त लेजर से क्रिस्टल कैसे बनाया जाता है, इन बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं, आईआईटी के प्रो. आरके मंडल ने बताया कि जिस तरह शरीर के निर्माण में क्षिति, जल, पावक, गगन व समीर का योगदान है, उसी तरह ब्रह्मांड के निर्माण भी इन्हीं पांच तत्वों से हुआ है। उन्होंने नैनो इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कॅरियर विकल्पों की भी जानकारी विद्यार्थियों को दी।
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इसके बाद विद्यार्थी आईआईटी की मेन वर्कशॉप पहुंचे। यहां की हो रहे शोध कार्य और मशीनों को देखकर उनमें साइंस के प्रति रुचि कई गुना बढ़ गई। छात्र-छात्राओं को परिसर स्थित बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर का भी भ्रमण कराया गया। कैंप के संयोजक प्रो. डीसी राय ने विज्ञान और अध्यात्म से जुड़ी उनकी जिज्ञासाओं को दूर करने का प्रयास किया। इस अवसर पर प्रो. आरके पांडेय, प्रो. अखिलेंद्र पांडेय, डॉ. विनोद पासवान एवं डॉ. आनंद देव आदि मौजूद थे।
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