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ट्रामा सेंटर से लौटाए गए मरीज
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 19 Mar 2016 02:53 AM IST
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ट्रामा सेंटर से लौटाए गए मरीज
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बीएचयू के ट्रामा सेंटर में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को मरीजों को खासी परेशानियों से जूझना पड़ा। सर सुंदरलाल अस्पताल में तो फिर भी सीनियर डॉक्टरों ने ओपीडी संभाल रखी थी, लेकिन ट्रामा सेंटर में आने वाले मरीजों को बैरंग लौटा दिया गया। ट्रामा और इमरजेंसी में लाए गए मरीजों को न तो देखा गया और न ही भर्ती ही किया गया।
उधर, मरीजों की परेशानियों को देखते हुए चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक की ओर से सभी जूनियर डॉक्टरों से शुक्रवार रात नौ बजे तक ड्यूटी पर आने की अपील की गई है।
बुधवार को बीएचयू अस्पताल स्थित रेडियो डायग्नोसिस एंड इमेजिंग विभाग की अल्ट्रासाउंड यूनिट में जूनियर डॉक्टर की पिटाई के बाद गुरुवार की शाम से जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के कारण शुक्रवार की सुबह ओपीडी में सीनियर डॉक्टरों की ड्यूटी के बाद भी मरीजों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं।
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बेहद गंभीर मरीजों को ही यहां भर्ती किया गया जबकि ट्रामा सेंटर में अस्थि रोग विभाग की ओपीडी के अलावा सारी सेवाएं बाधित रहीं। मरीजों को भर्ती भी नहीं किया गया और हड़ताल की दुहाई देकर पहले से भर्ती कई मरीजों की तय समय से पहले ही छुट्टी कर दी गई। शाम को हड़ताल खत्म कराने के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल सुश्रुत छात्रावास पहुंचा और जूनियर डॉक्टरों से काम पर लौट आने की अपील की।
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उधर, मरीजों की परेशानियों को देखते हुए चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक की ओर से सभी जूनियर डॉक्टरों से शुक्रवार रात नौ बजे तक ड्यूटी पर आने की अपील की गई है।
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बुधवार को बीएचयू अस्पताल स्थित रेडियो डायग्नोसिस एंड इमेजिंग विभाग की अल्ट्रासाउंड यूनिट में जूनियर डॉक्टर की पिटाई के बाद गुरुवार की शाम से जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के कारण शुक्रवार की सुबह ओपीडी में सीनियर डॉक्टरों की ड्यूटी के बाद भी मरीजों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं।
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बेहद गंभीर मरीजों को ही यहां भर्ती किया गया जबकि ट्रामा सेंटर में अस्थि रोग विभाग की ओपीडी के अलावा सारी सेवाएं बाधित रहीं। मरीजों को भर्ती भी नहीं किया गया और हड़ताल की दुहाई देकर पहले से भर्ती कई मरीजों की तय समय से पहले ही छुट्टी कर दी गई। शाम को हड़ताल खत्म कराने के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल सुश्रुत छात्रावास पहुंचा और जूनियर डॉक्टरों से काम पर लौट आने की अपील की।