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Varanasi News: काशी से ही शुरू हुई थी नई योजना, बीएचयू बना पहला सेंटर

Tue, 13 Dec 2022 07:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 13 Dec 2022 07:30 AM IST
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The new scheme was started from Kashi itself, BHU became the first center
वाराणसी। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्टक्चर मिशन की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी से ही शुरू की थी और इस मिशन के लागू होने के बाद आईएमएस बीएचयू का ट्रामा सेंटर देश का पहला ऐसा सेंटर है, जहां क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक बनाने के लिए धन की मंजूरी दी गई है। बीएचयू ट्रामा सेंटर परिसर में बनने वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक से आईसीयू की कमी बहुत हद तक दूर होगी। दूर दराज से आने वाले गंभीर मरीजों को जहां बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी, वहीं जांच का दायरा भी बढ़ेगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्तूबर 2021 को काशी दौरे के दौरान राजातालाब के मेंहदीगंज में बने जनसभा स्थल से रिमोट के माध्यम से ही इस मिशन का उदघाटन किया था। नए मिशन के तहत 12 केंद्रीय अस्पतालों में कुल 1800 अतिरिक्त बेड दिया जाना है।अब साल भर बाद इस मिशन को मूर्त रुप देने की कवायद स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुरू कर दी है। 12 दिसंबर 2022 को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आईएमएस बीएचयू में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक बनाने के लिए पहली किश्त के रुप में 36 करोड़ जारी कर दिया गया है।
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आईसीयू के साथ मॉडयूलर ओटी भी बनेगी।
ट्रामा सेंटर में बनने वाले नए क्रिटिकल केयर ब्लॉक में आईसीयू के साथ ही मॉडयूलर ओटी भी बनाई जाएगी। डायलिसिस की सुविधा भी मिलेगी। ट्रामा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह का कहना है कि जो भी वार्ड बनाए जाएंगे वहां आईसीयू जैसा बेड होगा। इसके अलावा मरीजों को जांच के लिए भटकना न पड़े, इसी ब्लॉक में जांच की सुविधाएं भी मिलेगी। दूर दराज से आने वाले मरीजों को सुविधाओं का लाभ मिले, इसके लिए नियमानुसार जो भी जरूरी दवाइयां हैं, वह भी यहीं पर मिल जाएंगी।
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बिहार, झारखंड, नेपाल तक के आते हैं मरीज
ट्रामा सेंटर में वाराणसी और आसपास के जिलों के साथ ही बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, नेपाल तक के मरीज इलाज के लिए आते हैं। बड़ी संख्या में मरीज यहां रेफर होकर भी आते हैं। यहां इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को अन्य वार्डों में जरूरत के हिसाब से भेजा जाता है। इसके अलावा पुल दुघर्टना, रेल दुघर्टनाओं सहित अन्य आपदाओं के लिए भी विशेष वार्ड बनाया गया है। अब तक अलग से क्रिटिकल केयर ब्लॉक न होने से गंभीर मरीजों के इलाज में कभी कभी परेशानी होने लगती थी। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से धन आवंटित करने के बाद अब काम शुरू कराने की तैयारी है।

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दंत चिकित्सा संकाय के बगल में बनेगा ब्लॉक
क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक बनाए जाने के लिए ट्रामा सेंटर परिसर में दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय के बगल की जमीन को पहले ही चिन्हित किया जा चुका है। ट्रामा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से धन अवमुक्त होने के बाद अब ब्लॉक बनाए जाने संबंधी जो भी औपचारिकताएं हैं, उसे जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा। मरीजों की सुविधा के लिए आधुनिक सुविधाएं होंगी।
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