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‘मंत्रियों-नेताओं के दबाव में काम क्यों करती है पुलिस’

Tue, 01 Dec 2015 01:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Tue, 01 Dec 2015 01:55 AM IST
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The ministers-pressure from leaders why the work that Police'
नगवां पुलिस चौकी के पास अवैध ढंग से बसें क्यों खड़ी रहती हैं। पुलिस मंत्रियों के दबाव में काम क्यों करती है। नो इंट्री में ओवरलोड ट्रक शहर में क्यों घुस जाते हैं? ये सारे सवाल तुलसी विद्या निकेतन स्कूल, नगवां के विद्यार्थियों ने पुलिस के सामने उठाए।
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सोमवार को विद्यालय में अमर उजाला की ओर से आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ में छात्र-छात्राओं ने बेबाकी से सवाल पूछे। सीओ चेतगंज अखिलेश सिंह ने उनके सवालों का जवाब दिया और भरोसा दिलाया कि वे पुलिस से डरें नहीं, बेहिचक शिकायत करें, उनकी बातों पर सजगता से ध्यान दिया जाएगा।
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विद्यालय की छात्रा हर्षिता तिवारी ने कहा नगवां पुलिस चौकी के पास से ट्रामा सेंटर तक अवैध ढंग बसें खड़ी रहती हैं। पुलिस की देखरेख में इन बसों का संचालन होता है। अंजली गुप्ता ने कहा कि पुलिस देखती रहती है और सड़क पर बाइक, कार खड़ी कर लोग चले जाते हैं। सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर अतिक्रमण का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। पुलिस क्यों नहीं रोकती।
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सौम्या शर्मा का कहना था कि पिकनिक स्पॉट पर पुलिस नहीं रहती। वहां आने-जाने पर लोग कमेंट करते हैं। उन्नति जैन ने कहा कि चौराहों पर पुलिस के सामने लोग यातायात नियम तोड़कर चले जाते हैं। पुलिस कुछ नहीं बोलती। ऐसा क्यों होता है।

अनंदिता शर्मा ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कहा कि पुलिस बात नहीं सुनती और डांटकर भगा देती है। सचिन दूबे, रीना सिंह, अंशु तिवारी ने भी सवाल पूछे। इसी तरह छात्र अवनीश कुमार ने कहा कि प्रेशर हार्न पर कार्रवाई नहीं होती है।

हार्न बजाने से एक व्यक्ति घबड़ाकर गिर गया और उसे चोट आ गई। शुभम और ऋषभ का कहना था कि पुलिस यातायात का नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं करती। आकाश ने कहा कि की कार्यशैली ऐसी है कि शिकायत करने में डर लगता है। ऐसे ढेरों सवालों के जवाब पुलिस उपाधीक्षक ने दिए।


उन्होंने कहा कि किसी प्रकार कि शिकायत करने में वे डरें नहीं। पुलिस पूरा सहयोग करेगी। पहले 100 नंबर पर सूचना दें। मौके पर फैंटम दस्ते के सिपाही पहुंचेंगे। यदि लगता है कि थाने की पुलिस सहयोग नहीं कर रही तो अधिकारियों को फोन कर सूचना दे सकते हैं।
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