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उस्ताद के सितार ने झंकृत किया मन
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 27 Aug 2015 01:57 AM IST
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत बुधवार को संगीत एवं मंच कला संकाय के पंडित ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में उस्ताद रफीक खान का सितार वादन हुआ।
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सितार पर उनकी अंगुलियों ने ऐसी धुन पिरोई कि हाल में मौजूद हर श्रोता के दिल के तारों को झंकृत कर दिया।
आईसीसीआर, कला प्रकाश और संगीत एवं मंच कला विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत उस्ताद रफीक खान ने राग झिंझोटी में आलाप जोड़ झाला से किया।
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इसके बाद विलंबित लय रूपक, फिर मध्य लय व द्रुत तीन ताल में शानदार प्रस्तुतियां दी। इसके बाद राग मियां मल्हार तथा अंत में राग भैरवी में एक धुन बजाकर कार्यक्रम का समापन किया।
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उनकी प्रस्तुतियों ने हर श्रोता के दिल को झंकृत कर दिया। उनके साथ तबले पर अभिषेक मिश्र ने संगत किया। कार्यक्रम में पंडित छन्नू लाल मिश्र, पंडित साजन मिश्र, पंडित विश्वमोहन भट्ट, संकाय प्रमुख बिरेंद्र नाथ मिश्र सहित शहर के कई गणमान्य कलाकार मौजूद रहे।