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Varanasi News: मच्छोदरी में दिखेगी आठवीं सदी की भव्यता, कर्नाटक के ऐहोल मंदिर की तर्ज पर सजा मां दुर्गा का दरबार
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टाउन हॉल में स्थापित माता दुर्गा की प्रतिमा। अमर उजाला
- फोटो : Archive
मच्छोदरी स्थित पार्क में इस बार कर्नाटक के ऐहोल में स्थित दुर्गा मंदिच्की के तर्ज पर बने पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। पंडाल में आठवीं शताब्दी की स्थापत्य कला की झलक देखने को मिलेगी। बाबा मच्छोदरा नाथ दुर्गोत्सव समिति के अध्यक्ष राजेश केशरी ने मंगलवार को महमूरगंज स्थित एक होटल में पत्रकार वार्ता में दुर्गोत्सव की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार आयोजन का 36वां वर्ष है। इस बार पंडाल में 14 फुट की सौम्य स्वरूपा भगवती के साथ विराट सिंह आकर्षण का केंद्र बनेगा। पंडाल के भीतर देवी आराधना के साथ सनातन आस्था के विविध स्वरूपों के भी दर्शन होंगे। राधा-कृष्ण की मनोहारी छवि, शिवलिंग तथा ध्वज धारण किए हनुमान जी सहित विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी मां दुर्गा के साथ विराजमान होंगी। बंगाल के मूर्तिकार केन चक्रवर्ती ने 30 दिनों में देवी-देवताओं की मनोहारी प्रतिमाएं गढ़ी हैं। वहीं पंडाल के निर्माण में भी 30 दिनों का समय लगा है। राजेश केशरी बताते हैं कि पंडाल के निर्माण के दौरान उनका पूरा परिवार कठोर व्रत का पालन करता है। समिति के महामंत्री सचिन यादव एवं कोषाध्यक्ष अरविंद अग्रवाल भी मौजूद थे।
15 से 20 अक्तूबर तक छह दिवसीय सांस्कृतिक अनुष्ठान में गूंजेंगे देवी गीत, भजन और लोकधुनें
समिति अध्यक्ष के अनुसार बृहस्पतिवार को आश्विन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर सुबह दस बजे कलश स्थापना के साथ देवी प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। इसी के साथ पंडाल के पट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। रविवार को शाम पांच बजे से मां भगवती के छप्पन भोग की भव्य झांकी के दर्शन होंगे। बुधवार को प्रतिमा विसर्जन और शुक्रवार को भंडारे का आयोजन होगा।
छह संध्याओं में सजेगी सुर, साधना और मनोरंजन की महफिल
दुर्गोत्सव के अंतर्गत छह दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन भी प्रतिदिन शाम को होंगे। 15 अक्तूबर को डॉ. अमलेश शुक्ला और आस्था शुक्ला देवी गीतों की प्रस्तुति देंगे। 16 अक्तूबर को वागीश पाठक व आकृति गुप्ता भजनों से वातावरण भक्तिमय बनाएंगे। 17 को राधा पलक और खुशी पलक भक्ति गीतों की स्वर-साधना करेंगी। 18 को आलोक नादान के गायन के साथ रंजना राय लोकगीतों की सुरमयी छटा बिखेरेंगी। 19 को संजय तिवारी, पंकज तिवारी और सानिया मसूर की गायन प्रस्तुतियां होंगी। 20 को जादूगर आरके आनंद का जादुई प्रदर्शन होगा। रात नौ बजे से राजेश श्रीवास्तव भजनों की प्रस्तुति देंगे।
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15 से 20 अक्तूबर तक छह दिवसीय सांस्कृतिक अनुष्ठान में गूंजेंगे देवी गीत, भजन और लोकधुनें
समिति अध्यक्ष के अनुसार बृहस्पतिवार को आश्विन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर सुबह दस बजे कलश स्थापना के साथ देवी प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। इसी के साथ पंडाल के पट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। रविवार को शाम पांच बजे से मां भगवती के छप्पन भोग की भव्य झांकी के दर्शन होंगे। बुधवार को प्रतिमा विसर्जन और शुक्रवार को भंडारे का आयोजन होगा।
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छह संध्याओं में सजेगी सुर, साधना और मनोरंजन की महफिल
दुर्गोत्सव के अंतर्गत छह दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन भी प्रतिदिन शाम को होंगे। 15 अक्तूबर को डॉ. अमलेश शुक्ला और आस्था शुक्ला देवी गीतों की प्रस्तुति देंगे। 16 अक्तूबर को वागीश पाठक व आकृति गुप्ता भजनों से वातावरण भक्तिमय बनाएंगे। 17 को राधा पलक और खुशी पलक भक्ति गीतों की स्वर-साधना करेंगी। 18 को आलोक नादान के गायन के साथ रंजना राय लोकगीतों की सुरमयी छटा बिखेरेंगी। 19 को संजय तिवारी, पंकज तिवारी और सानिया मसूर की गायन प्रस्तुतियां होंगी। 20 को जादूगर आरके आनंद का जादुई प्रदर्शन होगा। रात नौ बजे से राजेश श्रीवास्तव भजनों की प्रस्तुति देंगे।
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