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गंगा का जलस्तर बढ़ा, काशी में चौरासी घाटों का संपर्क टूटा

Sun, 26 Jul 2015 02:28 AM IST
Updated Sun, 26 Jul 2015 02:28 AM IST
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The Ganga water level has increased, Kashi Ghats in contact of talking at Chourasi ground broken
वाराणसी। गंगा में तेज बढ़ाव से शनिवार की शाम तक अस्सी से राजघाट के बीच सभी चौरासी घाटों का संपर्क टूट गया। देर शाम सात सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हो रहे बढ़ाव से लोग चिंतित हो उठे। चौबीस घंटे में सीढ़ियां, मढ़ियां प्रवाह का हिस्सा बन गईं और फर्श के ऊपर से गंगा बहने लगी।हालांकि केंद्रीय जल आयोग के अभियंताओं ने मध्य प्रदेश में हुई बारिश के इस पानी का अगले चौबीस घंटे में जोर टूटने का अनुमान लगाया है, लेकिन देर रात हुई झमाझम बारिश से अभी कुछ कहना मुश्किल होगा। अगर पहाड़ों पर बारिश नहीं हुई तो रविवार की शाम तक गंगा के वेग में कमी आने के संकेत मिले हैं।
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मध्य प्रदेश में बीते दिनों हुई भीषण बारिश का पानी सहायक नदियों से होकर गंगा में आने लगा है। काशी में गंगा में शनिवार को तेज बढ़ाव होने से दोपहर बाद अस्सी से राजघाट के बीच सभी घाटों का आपस में संपर्क टूट गया। गंगा घाटों की सीढ़ियों से ऊपर आकर अब फर्श पर बहने लगी हैं। केंद्रीय जल आयोग के अभियंताओं ने शनिवार को गंगा का जलस्तर 64.34 मीटर रिकार्ड किया। सामान्य जलस्तर 59.41 मीटर है। वहीं, खतरे का निशान 71.262 मीटर पर है। अभियंताओं ने देश शाम बढ़ाव की रफ्तार सात सेंटीमीटर प्रतिघंटा दर्ज की। गंगा में बढ़ाव से तटीय इलाके के लोग बाढ़ की आशंका से परेशान हो उठे हैं। सामने घाट, नगवा, मलहिया टोला के अलावा अन्य इलाकों में चिंता बढ़ने लगी है। गंगा का प्रवाह ग्रामीण इलाकों की बस्तियों की ओर भी
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बढ़ रहा है। दशाश्वमेध घाट पर तीर्थ पुरोहितों, मल्लाहों ने सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। आरती स्थल में बदलाव कर दिया गया। अब आरती ऊपरी फर्श पर होने लगी है। गंगा में बढ़ाव से असर वरुणा पर भी पड़ा है। जलस्तर बढ़ने से सराय मोहाना के पास वरुणा नदी नाव से लोग पार हो रहे हैं। ढाब क्षेत्र की बस्तियां चौतरफा बाढ़ के पानी से घिर गई हैं। रमचंदीपुर, गोबरहा, मोकलपुर समेत आसपास की बस्तियों के पशुपालक अब दूध की बिक्री के लिए नाव से ही शहर जा पा रहे हैं। बच्चों को स्कूल जाने में तो दिक्कतें हो ही रही हैं, मरीजों के उपचार के लिए भी बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है।
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